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आगरा: तीर्थ स्थल जैन दादाबाड़ी में खोदाई के दौरान मिली कमलनुमा प्राचीन शिला

Tue, 20 Oct 2020 12:05 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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प्राचीन शिला पर बने चरण - फोटो : अमर उजाला
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आगरा के शाहगंज स्थित जैन दादाबाड़ी में जीर्णोद्धार के लिए की जा रही खोदाई के दौरान कमलनुमा के आकार की शिला मिली है। इस पर चरण बने हैं। कमेटी के संयोजक सुनील जैन और अन्य लोगों का कहना है कि पत्थर पर तीर्थंकर महावीर स्वामी के चरण बने हुए हैं। अंदर उनकी प्रतिमा है। इसके दर्शन के लिए एक गुप्त रास्ता भी प्राचीन काल में बनाया गया था। यह खोदाई में पहले ही मिल चुका है।

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सोमवार को खोदाई के समय मजदूर का फावड़ा शिलाखंड से टकराने पर आवाज आई। इस पर सावधानी से खोदाई की तो पत्थर के खंभे पर कमल बना हुआ है। सुनील जैन ने बताया कि शिला पर भगवान महावीर के चरण उकेरे हुए थे। इससे पहले चूने से बनी ककईया ईंट की दीवार और सीढ़ियां भी मिल चुकी हैं।


जैन दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष उत्तमचंद जैन, कोषाध्यक्ष कमलचंद जैन और संयुक्त सचिव महेंद्र जैन ने बताया कि यह प्राचीन काल शिला है। जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के अध्यक्ष राजकुमार जैन ने बताया कि जैन दादाबाड़ी मुगल काल से भी पूर्व की प्रतीत हो रही है। यहां हरिविजय सूरी महाराज और एक अन्य संत के चरण पत्थरों पर बने हुए मिल चुके हैं।

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यहां अकबर को मिला था अहिंसा का संदेश

जैन दादाबाड़ी प्राचीन जैन तीर्थ स्थल है। कुछ इतिहासकारों ने इसे मुगलकालीन और कुछ ने उससे भी पहले का बताया है। इतिहासकार राज किशोर शर्मा राजे ने अपनी किताब तवारीख-ए-आगरा में इसके बारे में लिखा है। 

किताब के अनुसार इसी स्थान पर आचार्य हीर विजय ने मुगल बादशाह जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर को सर्वधर्म सद्भाव और अहिंसा का संदेश दिया था। उत्तर मुगल काल में चर्चित रही बेगम समरू का बाग भी इसी के पास है। जैन दादाबाड़ी को पर्यटन विभाग पर्यटन स्थल के रूप में मान्यता दे चुका है। 
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