आगरा के शाहगंज स्थित जैन दादाबाड़ी में जीर्णोद्धार के लिए की जा रही खोदाई के दौरान कमलनुमा के आकार की शिला मिली है। इस पर चरण बने हैं। कमेटी के संयोजक सुनील जैन और अन्य लोगों का कहना है कि पत्थर पर तीर्थंकर महावीर स्वामी के चरण बने हुए हैं। अंदर उनकी प्रतिमा है। इसके दर्शन के लिए एक गुप्त रास्ता भी प्राचीन काल में बनाया गया था। यह खोदाई में पहले ही मिल चुका है।
सोमवार को खोदाई के समय मजदूर का फावड़ा शिलाखंड से टकराने पर आवाज आई। इस पर सावधानी से खोदाई की तो पत्थर के खंभे पर कमल बना हुआ है। सुनील जैन ने बताया कि शिला पर भगवान महावीर के चरण उकेरे हुए थे। इससे पहले चूने से बनी ककईया ईंट की दीवार और सीढ़ियां भी मिल चुकी हैं।
जैन दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष उत्तमचंद जैन, कोषाध्यक्ष कमलचंद जैन और संयुक्त सचिव महेंद्र जैन ने बताया कि यह प्राचीन काल शिला है। जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के अध्यक्ष राजकुमार जैन ने बताया कि जैन दादाबाड़ी मुगल काल से भी पूर्व की प्रतीत हो रही है। यहां हरिविजय सूरी महाराज और एक अन्य संत के चरण पत्थरों पर बने हुए मिल चुके हैं।