कासगंज में सांसद राजवीर सिंह अमृत सरोवर योजना की योजना के शुभारंभ के लिए प्रतीकात्मक खोदाई करते
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कासगंज। केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत अमृत सरोवर योजना शुरू की गई है। इस योजना के अंतर्गत 77 सरोवर जिले में बनाए जाएंगे। जिले के सभी सात ब्लॉकों में 11-11 सरोवर बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सांसद राजवीर सिंह ने इस योजना का कासगंज व अमांपुर ब्लॉक में सरोवर के लिए चिह्नित भूमि पर प्रतीकात्मक खोदाई करके योजना को हरी झंडी दी है।
अमृत सरोवर योजना का शुभारंभ कासगंज की ग्राम पंचायत बिरसुआ और अमांपुर की ग्राम पंचायत रेखपुर में किया गया। सांसद राजवीर सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दृष्टिगत व गिरते हुए जलस्तर को समृद्ध करने के लिए जिले में 77 अमृत सरोवरों को मनरेगा के माध्यम से तैयार किया जाएगा। इन सरोवरों को बहुउद्देश्यीय स्वरूप में बनाया जाएगा। मानव जीवन का आधार जल है। लेकिन धीरे-धीरे कर के जलस्तर कम होता जा रहा है। अत: जल स्तर को सामान्य बनाए रखने के लिए जिले में पूर्व में बने हुये तालाबों की सफाई भी कराई जाए और यह प्रयास करें कि यह कार्य बरसात से पूर्व पूर्ण करा लिया जाए। गांवों में जल निकासी का पानी भी तालाबों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। जिससे जिले के भूगर्भ जल का संरक्षण व संवर्धन हो सके।
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत प्रत्येक ब्लॉक में 11-11 सरोवर बनाए जाएंगे और इन सरोवरों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। जहां पुराने तालाब की एक एकड़ भूमि उपलब्ध होगी वहां तालाब तैयार किया जाएगा। जहां भूमि उपलब्ध नहीं होगी वहां नई भूमि पर सरोवर बनाया जाएगा। इस दौरान सदर विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत, विधायक अमांपुर हरीओम वर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष केपी सिंह की सोलंकी सहित अन्य अतिथिगण मौजूद रहे।
हर सरोवर के पास बनेगा सामुदायिक भवन व एक चबूतरा
कासगंज। सीडीओ तेज प्रताप मिश्र ने बताया कि प्रत्येक सरोवर के पास एक सामुदायिक भवन बनाया जाएगा और एक चबूतरा तैयार किया जाएगा। जिससे लोग सरोवर के किनारे बैठ सकें और अपने सामुदायिक कार्यों को कर सकें। उन्होंने कहा कि सरोवर के पास पौधरोपण को किया जाएगा। सरोवरों के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है।
नीम नदी की भी होगी खोदाई
कासगंज। जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत नीम नदी की धारा जिले में 6 किलोमीटर तक लगती है। 6 किलोमीटर के हिस्से से खोदोई व सफाई करके जीवंत किया जाएगा। जिससे नदी में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।