विपक्ष के गठबंधन से अपने गढ़ों को बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है। इसी क्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ब्रज क्षेत्र को गठबंधन से बचाने का ‘मंत्र’ देने आ रहे हैं।
एकजुट होते विपक्ष को चुनौती देने की रणनीति के साथ-साथ 2014 के लोकसभा चुनाव में जुड़े मतदाताओं को 2019 के लोकसभा चुनाव में भी कैसे जोड़े रखा जा सके, इस पर भी मंथन होगा।
अमित शाह पांच जुलाई को आगरा आ रहे हैं। फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में ब्रज क्षेत्र, कानपुर क्षेत्र, बुंदेलखंड क्षेत्र और पश्चिमी क्षेत्र के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।
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बता दें कि मंडल में आगरा, फतेहपुर सीकरी, मथुरा लोकसभा सीट पर भाजपा का कब्जा है, जबकि मैनपुरी और फिरोजाबाद सपा के कब्जे में हैं। इन दोनों लोकसभा क्षेत्रों में पैर फैलाना तो भाजपा के लिए चुनौती होगी।
साथ ही आगरा, फतेहपुर सीकरी और मथुरा की सीट को बचाने के लिए भी नये सिरे से रणनीति बनानी होगी। यदि सपा और बसपा एक हुए तो आगरा की सीट और रालोद के मिलने से मथुरा और फतेहपुर सीकरी के मतदाता छिटक सकते हैं।
ऐसे में शाह की इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बैठक में ब्रज, बुंदेलखंड, कानपुर और पश्चिमी क्षेत्र के संगठन मंत्रियों, क्षेत्रीय अध्यक्षों को साथ-साथ वहां के सांसद और विधायकों को बुलाया जाएगा।
बैठक में अमित शाह के साथ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम माथुर, राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शिव प्रकाश मौजूद रह सकते हैं। प्रदेश स्तर पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडे, सुनील बंसल के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रह सकते हैं।