आगरा के थाना सिकंदरा के शास्त्रीपुरम में ठगी का काॅल सेंटर अमेरिकी नागरिक रिचर्ड ने खुलवाया था। वह संचालक अनुराग प्रताप के संपर्क में दो साल पहले आया था। उसने ट्रेनिंग देकर काॅल सेंटर खुलवाया। अपने देश के लोगों का डाटा देकर काॅल कराता था। इसके बाद रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा लेता था। बिटक्वाइन में अपने साथियों को रकम भेजता था। 6 महीने में करीब 2000 अमेरिकी लोगों से ठगी की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक, रिचर्ड ने ही काॅल सेंटर में काम करने वाले युवकों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी। बात करने का तरीका बताया। इसके बाद लोगों का डाटा उपलब्ध कराया। कर्मचारी काॅल करके लोन का झांसा देते थे। अमेरिकी नागरिकों से सोशल सिक्योरिटी नंबर सहित अन्य जानकारी लेने के बाद रिचर्ड को उपलब्ध करा देते थे। वो नागरिकों की बैंक से जानकारी लेता था। खाते से रकम निकलने की कहकर बैंक से रकम रिफंड करा लेते थे। इसे नागरिकों को लोन आया समझाकर गिफ्ट वाउचर खरीदवाते थे। वाउचर का नंबर लेकर अपने खाते में यूएस डालर जमा करा लेता था। अनुराग को उसका हिस्सा बिटक्वाइन में मिलता था। इसके लिए अनुराग ने भारत में अपना एक खाता भी खोल रखा है।
पुलिस ने आरोपियों के लैपटॉप, कंप्यूटर, हार्ड डिस्क को कब्जे में लिया है। इनको जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। इसके अलावा संचालक के बैंक खाता और बिटक्वाइन खाता की जानकारी मिली है। वहीं 55 अमेरिकी लोगों की चैट भी आरोपी के मोबाइल में मिली है। इसमें डालर आने से लेकर लोगों से बातचीत की जानकारी है। आरोपियों ने पूछताछ में यह भी बताया कि 6 महीने में तकरीबन 2 हजार अमेरिकी नागरिकों के साथ धोखाधड़ी की। करोड़ों की रकम पार कर दी। पुलिस दूतावास की मदद से ठगी के शिकार लोगों की जानकारी जुटा रही है।