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अमर उजाला स्टिंग में बड़ा खुलासा, परिवहन कार्यालय में दलालों का बोलबाला, ऐसे करते हैं डील

Sun, 17 Nov 2019 12:31 AM IST
मुकेश कुमार नेहा सिंह, अमर उजाला, आगरा
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संभागीय परिवहन कार्यालय आगरा
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आगरा के परिवहन कार्यालय में दलालों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। दलाल टेस्ट और कार्यालय आये बिना घर बैठे लाइसेंस पहुंचाने का झांसा लोगों को दे रहे हैं। अमर उजाला टीम ने जब इसका स्टिंग किया तो चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं। 
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गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे लाइसेंस बनवाने के लिए पहुंची युवती एक काउंटर पर लर्निंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया पूछ रही थी। काउंटर से हटकर कुछ दूर ही चल पाई जब तक एक युवक पास आकर बोला मैडम लाइसेंस बनवाना है, कहां भीड़ में चक्कर लगा रहीं हैं। 1500 रुपये दो, आपका लाइसेंस हम घर बैठे बनवा देंगे।

आरटीओ कार्यालय परिसर में घूम रहा एक दलाल तो बिना आवेदक के ही ड्राइविंग लाइसेंस घर तक भेजने का ठेका देने लगा। लाइसेंस बनवाने आई एक युवती ने ऑनलाइन टेस्ट में फेल होने की आशंका जताई, तो वहां मौजूद दलाल ने बिना टेस्ट दिए ही लाइसेंस बनवाने का दावा किया। इसके लिए युवती को 1200 रुपये फीस बताई। युवती ने उसे पैसे दिए और उसका नंबर लेकर घर चली गई।
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ऐसे देते हैं झांसा

आरटीओ कार्यालय में कुछ दलालों से जब अमर उजाला टीम ने बात की तो कुछ ऐसे मामले सामने आए।

रिपोर्टर: भैया मुझे लर्निंग लाइसेंस बनवाना है।
दलाल: दो पहिया व चार पहिया वाहन के लर्निंग लाइसेंस की फीस 350 रुपये है। बिना ऑनलाइन टेस्ट दिए लाइसेंस बनवाना है तो उसके लिए 1500 रुपये लगेंगे।
रिपोर्टर: 1500 रुपये तो बहुत ज्यादा हैं।
दलाल तपाक से जवाब देते हुए बोला- बिना टेस्ट लाइसेंस इतने में ही बन पाएगा।
रिपोर्टर: इतने फीस तो लगती नहीं।
दलाल: फीस 350 है, 100 रुपये कर्मचारी अतिरिक्त लेते हैं। बिना टेस्ट के फीस अलग से देनी पड़ती है।

रिपोर्टर: लर्निंग लाइसेंस का टेस्ट दिया था, मगर फेल हो गई। अब क्या हो सकता है?
दलाल: उसके के लिए री टेस्ट की फीस जमा करनी होगी।
रिपोर्टर: कितनी फीस है?
दलाल: नए टेस्ट की फीस 350 रुपये है और फिर री टेस्ट की फीस 70 रुपये जमा करानी पड़ती है।
रिपोर्टर: उसके कितने पैसे लगेंगे?
दलाल: री टेस्ट की रसीद और 900 रुपये देने होंगे।

रिपोर्टर: बिना टेस्ट के लर्निंग लाइसेंस बनवाना है।
दलाल: 1500 रुपये लगेंगे काम हो जाएगा।
रिपोर्टर: बिना टेस्ट दिए ही, लाइसेंस फर्जी तो नहीं होगा।
इस आशंका पर दलाल ने आश्वस्त करते हुए कहा कि-इसी बात का तो हम पैसे लेते हैं।
रिपोर्टर: लाइसेंस बनवाने की क्या प्रक्रिया है?
दलाल: फॉर्म भरने के बाद केवल फोटो खिंचाने और बायोमेट्रिक के लिए आना होगा।
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'टेस्ट नहीं होता मुश्किल, डरें नहीं'

एआरटीओ प्रशासन एके सिंह ने बताया लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का टेस्ट मुश्किल नहीं होता है। अक्सर लोगों लगता है कि है कि वो टेस्ट में फेल हो जाएंगे तो दलाल की मदद लें। टेस्ट की तैयारी करने के लिए कई एप मौजूद हैं। उसे डाउनलोड करके उसमें से 200 से 250 प्रश्न लोग देख लें। उसी में से 15 से 16 प्रश्न आ जाते हैं। 15 से 10 प्रश्न करने होते हैं। 

संपूर्ण प्रक्रिया अब ऑनलाइन होती है। टेस्ट में जिसे कंप्यूटर ऑपरेट करना नहीं आता उसके लिए ऑपरेटर की व्यवस्था की जाती है। 15 में से 10 प्रश्न सही किए तो उसे कोई फेल नहीं कर सकता। आरटीओ कार्यालय के पास आकर फॉर्म भरने से बचें। अपने घर के पास के साइबर कैफे से ही फॉर्म भरें।

आंकड़ों पर एक नजर
350 रुपये : दो या चार पहिया वाहन का लर्निंग लाइसेंस बनवाने की निर्धारित सरकारी फीस। 
1200 से 1500 रुपये : दलाल वसूलते हैं।
1000 रुपये : दो या चार पहिया वाहन का परमानेंट लाइसेंस बनवाने की सरकारी फीस। 
1500 से 2000 रुपये : दलाल लेते हैं।
3500 रुपये : लर्निंग और परमानेंट दोनों लाइसेंस बनवाने के लेते हैं दलाल। 
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