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स्टिंग ऑपरेशन: नगर निगम में प्रमाणपत्र बनाने वाले दलालों का बोलबाला, ऐसे करते हैं सौदेबाजी

Wed, 18 Sep 2019 12:21 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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नगर निगम में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए लगी लोगों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
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आगरा नगर निगम में जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के नाम पर दलाल सीधे-साधे लोगों को जाल में फंसा रहे हैं। यहां कार्यालय से बाहर सात सौ तथा कार्यालय के अंदर बैठने वाले दलाल पांच सौ रुपये में जन्म प्रमाणपत्र बनवाने की गारंटी ले रहे हैं। 
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हर रोज 30 से 35 प्रमाणपत्र बन रहे हैं। एक प्रमाणपत्र की फीस 30 रुपये जमा करनी होती है। सोमवार को अमर उजाला की टीम नगर निगम के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कार्यालय पहुंची। जहां दलाल से वार्ता की तो वो जन्म प्रमाण पत्र रेट बताकर सौदेबाजी करने लगा। 
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ऐसे सौदेबाजी करते हैं दलाल

रिपोर्टर : जन्म प्रमाण पत्र बनाने में कितना खर्च आएगा। 
दलाल : सभी कागज मुहैया कराने पर पांच सौ रुपये, अगर मार्कशीट हम बनवाएंगे तो उसके अलग से रुपये लिए जाएंगे। इसके लिए मैं भैया से पूछकर
बताऊंगा। 
रिपोर्टर : एक बच्चा छह वर्ष का और दूसरा 12 वर्ष का है, क्या-क्या देना होगा। 
दलाल : बड़े बच्चे के लिए मार्कशीट चाहिए, छोटे बच्चे का हम यूं ही जुगाड़ करा देंगे। तुम चिंता मत करो। 
रिपोर्टर : जो जन्मतिथि कराना चाहते हैं, उसकी मार्कशीट नहीं है। स्कूल वाली में ज्यादा लिखी हुई है। 
दलाल : हमारे बड़े भैया है, उनकी स्कूलों में सेटिंग है, वो स्कूल से मार्कशीट बनवा देंगे। इसके लिए अलग से रुपये देने पड़ेंगे। 
रिपोर्टर : रुपये तो ज्यादा है, कुछ कम करा दो।
दलाल : हम तब भी पांच सौ रुपये में बना रहे हैं, बाहर वाले तो सात सौ से कम नहीं लेते। मर्जी आपकी है। 
रिपोर्टर : कितने दिन में मिल जाएगा।  
दलाल: आपको कार्यालय आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वाट्सएप नंबर लो, इस पर कागज भेज देना। बाकी हम काम कर लेंगे। छोटे बच्चे का दो दिन में
और बड़े के लिए एक सप्ताह का समय लग जाएगा। 

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बाहरी व्यक्ति कार्यालय में मिला तो कार्रवाई होगी- अपर नगर आयुक्त 

सवाल : नगर निगम में दलाल सक्रिय हैं, लोगों से वसूली कर रहे हैं।  
उत्तर : नगर स्वास्थ्य अधिकारी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनको हिदायत देते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 
सवाल : निगम के अधिकारी और कर्मचारियों की मिलीभगत से तो काम नहीं चल रहा है।
उत्तर : आरोप गलत है कि अधिकारियों की मिलीभगत है, लेकिन बाहरी व्यक्ति कार्यालय में मिला तो कार्रवाई जरूर की जाएगी। 
सवाल : आपने निरीक्षण कब से नहीं किया। 
जवाब : बीच-बीच में निरीक्षण किया है। अगर कमी मिलती है, तब उसमें सुधार किया जाता है।  
सवाल : रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। 
जवाब : कार्यालय की जिम्मेदारी संभाल रहे नगर स्वास्थ्य अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। 
- केबी सिंह, अपर नगर आयुक्त 
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