100 डायल शहरी क्षेत्र में 10 से 12 मिनट में तथा ग्रामीण क्षेत्र में 15 से 20 मिनट में उनकी मदद के लिए पहुंच जाएगी। एसपी ने सोशल मीडिया से सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल और फेसबुक से गोपनीयता भंग हो रही है। अपनी व्यक्तिगत बातों को फेसबुक और व्हाट्सएप पर शेयर न करें। इससे बड़ा नुकसान हो सकता है।
पाठशाला के शुभारंभ अवसर पर एकेडमी के वरिष्ठ प्रधानाचार्य डॉ. राममोहन, प्रशासनिक प्रधानाचार्या डॉ. कुसुम मोहन, सचिव लव मोहन ने एसपी को बुके और प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। एकेडमी की छात्राओं ने नृत्य के साथ सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
एक बटन दबाते ही पांच लोगों को पहुंच जाएगी खतरे की जानकारी
पुलिस की पाठशाला में एसपी ने छात्राओं को बताया कि यूपी 100 पुलिस ने एक ऐसा एप जारी किया है। जिसे अपने मोबाइल में डाउनलोड करने से खतरा आने पर मात्र एक बटन दबाना होगा। इस बटन के दबते ही उनके पांच परिजनों को उनके संकट में होने की जानकारी मिल जाएगी और कोई न कोई उनकी मदद के लिए मौके पर पहुंच जाएगा। यह एप प्ले स्टोर पर जाकर डाउन लोड किया जा सकता है।
छात्राओं की प्रस्तुति।
- फोटो : अमर उजाला
एसपी ने छात्राओं से अपील की कि वे अपने परिजनों को हेलमेट और सीट बेल्ट के प्रयोग के लिए प्रेरित करें। पुलिस इसके लिए लोगों का चालान करती है जबकि सीट बेल्ट और हेलमेट उनके खुद के जीवन को सुरक्षा प्रदान करता है। छात्राएं अपने परिजनों के साथ जाएं तो दोपहिया वाहन पर हेलमेट और चार पहिया पर सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य कराएं।
- अमर उजाला का यह कार्य काबिल-ए- तारीफ है। एक तरफ जहां छात्राओं को कानून की जानकारी हासिल हुई है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस से बात करने का भय भी समाप्त हुआ है।
डॉ. कुसुम मोहन प्रशासनिक प्रधानाचार्या सुदिती ग्लोबल एकेडमी
- इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन जरूरी है। बालिकाओं को जहां पुलिस सहायता की जानकारी मिल रही है, वहीं वे अपने को सुरक्षित भी महसूस करेंगी।
जागरूकता ही उन्हें सुरक्षित बनाने का कार्य करेगी।
डॉ. राममोहन, वरिष्ठ प्रधानाचार्य सुदिती ग्लोबल एकेडमी
- महिला हेल्प लाइन नंबर हमारी सुरक्षा के लिए सार्थक साबित हो रहा है। समझ आ गया कि 1090 पर कॉल करके हम अपनी परेशानी को आसानी से दूर कर सकते हैं।
खुशी
- पुलिस हमारे लिए बहुत कुछ कर रही है, हमें भी बिना किसी संकोच के अपनी शिकायत पुलिस से करनी चाहिए। जब शिकायत करेंगे तभी तो हमें पुलिस से मदद मिलेगी।
शैलसी यादव
- पुलिस के प्रति हमें अपनी सोच बदलने की जरूतर है। पुलिस हरसंभव हमारी मदद के लिए तैयार है। जबसे महिला पुलिस आई है तब से छात्राओं को अपनी
शिकायत करने में और बल मिला है।
सांभवी अग्निहोत्री
- समय रहते हम पुलिस को सूचना दें तो पुलिस हमारी मदद के लिए मौके पर पहुंचती है। हम जागरूक हों और परेशानी होने पर पुलिस को जानकारी दें तो
निश्चित ही समस्या का निदान होगा।
जैसिका