आगरा में एक साल से गड्ढों से छलनी पड़ी पीडब्ल्यूडी की सड़क एमजी रोड-2 की मरम्मत रविवार से शुरू हो गई। 20 जगह पैचवर्क किया गया है। पंचकुइयां से लेकर बोदला तक सड़क सीवर, गंगाजल की पाइपलाइन व अन्य कारणों से हुई खुदाई से 7 किमी लंबाई में सड़क ऊंट की पीठ जैसी हो गई थी। श्याम नगर, विनय नगर और बीधा मंदिर के पास बोदला रोड में गहरे गड्ढे थे।
बारिश में ये और खतरनाक हो गए। इनमें रिक्शा व ऑटो पलटने के हादसे हो रहे थे। तल टकराने से कार क्षतिग्रस्त हो रही थीं। अमर उजाला ने 10 अक्तूबर को ‘बारिश ने गहरे किए सड़कों के गड्ढे... हादसे’ और 11 अक्तूबर को ‘धंस गई सड़कें... जलभराव’ शीर्षक से खबरें प्रकाशित कीं। पीडब्ल्यूडी ने एक साल से क्षतिग्रस्त पड़ी सड़क की मरम्मत शुरू कर दी है।
नई बनाने के लिए होगा सर्वे
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियंता आनंद कुमार ने बताया कि मरम्मत शुरू कर दी है। 15 नवंबर तक सभी सड़कों के गड्ढे भर दिए जाएंगे। एमजी रोड-टू को नए सिरे से बनाने के लिए सर्वे कराया है। शासन को प्रस्ताव भेजेंगे।
गड्ढों में भरा बारिश का पानी
शहर क्षेत्र में नगर निगम और एडीए ने करीब 100 किमी की लंबाई में सड़कों की मरम्मत के लिए टेंडर निकाले हैं। अवधपुरी, मारुति एस्टेट रोड गढ़ी भदौरिया, सुलहकुल नगर, कैलाशपुरी, मदिया कटरा, मानस नगर, चाणक्य पुरी, अलबतिया व शास्त्रीपुरम में सड़कों में गड्ढे हो रहे हैं। इनमें बारिश का पानी भर जाने से क्षेत्रीय लोगों को और परेशानी हो रही है।
200 किमी ग्रामीण व जिला मार्ग जर्जर
पीडब्ल्यूडी के सर्वे में बिचपुरी-पथौली, वायु विहार, शमसाबाद रोड, सेवला-ग्वालियर रोड, इरादतनगर, तांतपुर आदि करीब 100 किमी. जिला व अन्य मार्गों के अलावा 100 किमी. ग्रामीण मार्ग क्षतिग्रस्त पाए गए हैं। जन प्रहरी के संयोजक नरोत्तम शर्मा का कहना है कि नई बनी सड़कों में गड्ढे होने पर ठेकेदारों के विरुद्ध मुकदमे दर्ज होने चाहिए। सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए।