‘बंद पड़े ठेकों के बाहर बिक रही शराब, जाम छलकाते दिखे लोग’ शीर्षक से अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस सख्त हो गई है। आगरा में चले अभियान के दौरान पुलिस ने 380 लोगों का चालान किया।
आगरा के नगला बूढ़ी (थाना न्यू आगरा) में नशे में कार दाैड़ाने से पांच लोगों की जान गई थी। लोगों ने शराब के ठेके को ही हादसे की वजह माना था। इस संबंध में अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। इसका असर यह हुआ कि पुलिस ने मंगलवार और बुधवार को विशेष अभियान चलाकर 380 लोगों को पकड़ा। 15 वाहन सीज किए।
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अमर उजाला ने 28 अक्तूबर के अंक में ‘बंद पड़े ठेकों के बाहर बिक रही शराब, जाम छलकाते दिखे लोग’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। इसमें थाना न्यू आगरा क्षेत्र में जिस जगह पर हादसा हुआ था, वहां ठेकों के बाहर शराब बिकने की हकीकत उजागर की थी। इसके साथ ही आवास विकास कालोनी में जगह-जगह ओपन बार को दिखाया था। इसका असर यह हुआ कि मंगलवार और बुधवार को पुलिस ने अभियान चलाया।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि नियमानुसार ठेके के बाहर शराब नहीं पिलाई जा सकती है। इस तरह लोगों के शराब पीने पर रोक है। इसके अलावा वाहन चलाने पर भी पुलिस कार्रवाई कर सकती है। दो दिन में पुलिस ने 380 लोगों को पकड़ा। यह खुले में शराब पी रहे थे। इसके अलावा वाहन चलाने वालों की भी चेकिंग की। 15 गाड़ियों को सीज किया गया।
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इनके चालक शराब पीकर ड्राइविंग कर रहे थे। कुछ लोग पुलिस के कार्रवाई करने पर भिड़ गए। इस पर दो के खिलाफ केस दर्ज किया गया। 28 लोगों को शांति भंग में जेल भेजा गया था। पुलिस की कार्रवाई से ठेका संचालक भी खुले में शराब पीने से मना कर रहे हैं। लोगों को थाने में शपथ भी दिलवाई गई कि वह अब खुले में शराब नहीं पीएंगे। वाहन भी नहीं चलाएंगे। गाड़ियों में बैठकर और ठेल पर पीते हैं शराब
पुलिस ने कार्रवाई के दाैरान ठेकों के साथ ही आसपास खड़ी गाड़ियों और ठेलों को भी चेक किया। सामने आया कि लोग शराब की बोतल खरीदने के बाद गाड़ियों में बैठे थे। लाइट भी नहीं जला रखी थी। इसके साथ ही ठेलों पर भी लोग खड़े हुए थे। ठेल विक्रेता पाउच और पानी की बिक्री कर रहे थे। ऐसे में इन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। सबसे ज्यादा थाना लोहामंडी, इसके बाद थाना हरीपर्वत सर्किल में लोग पकड़े गए। सदर में भी आंकड़ा अधिक रहा। यहां पर ठेकों के बाहर शराब लोग पी रहे थे।