कासगंज में महिला कल्याण कार्यक्रम के माध्यम से बढ़ती जनसंख्या पर अंकुश लगाने के लिए किए जा रहे प्रयास रंग ला रहे हैं। परिवार नियोजन के साधन अपनाने को महिलाओं में जागरूकता बढ़ रही है। इस वित्तीय वर्ष के डेढ़ माह में ही 1354 महिलाओं ने परिवार नियोजन के साधनों को अपना कर अपनी जागरूकता का परिचय दिया है।
जिले की जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है। एक दशक में जनसंख्या में लगभग 3.25 लाख जनसंख्या बढ़ने का अनुमान है। बढ़ती हुई जनसंख्या को देखते हुए महिला कल्याण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सभी सीएचसी, पीएचसी एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर परिवार नियोजन अस्थायी साधनों की व्यवस्था कर रखी है। महिला नसबंदी के साथ ही कंडोम, आईयूसीडी व पीपीआईयूसीडी, अंतरा व माला-एन जैसे- परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने के लिए महिलाओं को जागरूक करने का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। इस कार्य की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं को सौंपी गई है। आशा कार्यकर्ता इन साधनों को अपनाने से होने वाले फायदे के बारे में महिलाओं को जागरूक करती हैं, जिसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं।
आंकडे़ की नजर में
महिला नसबंदी- 6
अंतरा इंजेक्शन - 530
पीपीआईसीयूडी - 649
आईसीयूडी - 169
ये बोले अधिकारी
परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने के लिए महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। परिवार नियोजन काउंसलर पूनम सक्सेना ने बताया कि पीपीआईयूसीडी प्रसव के बाद प्लेसेंटा निकलने के 10 मिनट के अंदर या प्रसव के 48 घंटे के बाद या माहवारी के प्रारंभ से लेकर सात दिन के अंदर लगाई जाती है। अंतरा गर्भनिरोधक इंजेक्शन बच्चे के जन्म के 6 सप्ताह बाद एवं गर्भपात के तुरंत बाद लगवाया जा सकता है।