कोरोना महामारी के बाद स्कूलों में शिक्षण कार्य शुरू हो गया है। धीरे-धीरे छात्रों की संख्या भी कक्षाओं में बढ़ रही है। छात्र कक्षा शिक्षण के माध्यम से अपनी शिक्षा की नींव को मजबूत करने और पाठ्यक्रम संबंधी समस्याओं के समाधान में जुटे हैं। इसमें शिक्षक और अभिभावक दोनों ही भरपूर सहयोग कर रहे हैं। लंबे समय तक ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों और किताबों की दूरी बन गई है। इसे सुधारने के प्रयास भी स्कूलों के द्वारा किए जा रहे हैं।
सेंट जोंस स्कूल के प्रधानाचार्य फादर जोसेफ शाहजी ने बताया कि स्कूलों में जहां तक उपस्थिति की बात है तो जिला के स्कूलों में उपस्थिति बढ़ी है। कोरोना महामारी के दौरान ऐसा भी सामने आ चुका है कि मोबाइल नेटवर्क व मोबाइल फोन न होने की सूरत में काफी बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई से वंचित रहे या नेटवर्क की समस्या बनीं रही। मगर अब यह बच्चे ऑफलाइन पढ़ाई के लिए उत्साहित होकर स्कूलों में पहुंच रहे हैं। स्कूल खुलते के दौरान उपस्थिति तीस प्रतिशत थी। मगर अब 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है। स्कूलों में ऑफलाइन परीक्षाएं चल रहीं हैं। इसके चलते उपस्थित अब बढ़ती जा रही है। शिक्षा के स्तर को फिर से उठाने के लिए काउंसलर की जरूरत पड़ रही है। शिक्षक के साथ विशेषज्ञ काउंसलर भी विद्यार्थियों का मनोबल ऊंचा कर रहे हैं।
सेंट जोंस कॉलेज के शिक्षक पवन श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों को पूरा सिलेबस ऑनलाइन करवा दिया गया था। मगर इससे बच्चे पढ़ाई में कमजोर दिखे थे। परीक्षाएं नजदीक थी, ऐसे में स्कूल खुलते ही महत्वपूर्ण विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया। मोबाइल से नजदीकियों ने बच्चों को पढ़ाई से दूर किया। अब शिक्षक भी यही प्रयास कर रहे है कि बच्चों को ज्यादा से ज्यादा ऑफलाइन पढ़ाया जाए और पढ़ाई के नुकसान की भरपाई हो सके।
क्या कहते है विद्यार्थी
- स्कूल खुलने के बाद पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियां भी हो रही हैं। ऑनलाइन पढ़ाई से घर में ही बैठने को मजबूर हो गए थे। क्लास में बैठने पर जो समझ आता है, वो ऑनलाइन नहीं आता है।
मोहत्रम अहमद, कक्षा 12वीं
ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान कई बार मोबाइल नेटवर्क बाधा बनता था। मगर ऑफलाइन पढ़ाई में किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। जो समझ नहीं आता है तो उसे हम आसानी से पूछ सकते हैं। मगर, ऑनलाइन में ऐसा नहीं था।
- ध्रुव कुमार, छात्र
- ऑनलाइन पढ़ाई काफी परेशानी भरी रही। इससे आंखों पर बोझ पड़ता था और कई बार दर्द भी होता था। क्लास में बैठकर पढ़ाई का अच्छा माहौल बनता है। कोरोना के समय ऑनलाइन पढ़ाई एक विकल्प था, मगर पढ़ाई ऑनलाइन ही ठीक है।
- गुनगुन पारस, छात्रा
- घर में पढ़ाई करना काफी मुश्किल रहा। मगर अब ऑफलाइन पढ़ाई से काफी राहत मिल रही है। पढ़ाई का माहौल स्कूलों में बन रहा है। मोबाइल से पढ़ाई और किताबों से पढ़ाई में काफी अंतर समझ में आया।
- साक्षी गुप्ता, छात्रा
ऑनलाइन पढ़ाई और ऑफलाइन पढ़ाई में यह है फर्क
- खेल गतिविधियां नहीं हो रहीं थी, अब खेल गतिविधियां शुरू की जा रही हैं।
- ऑनलाइन पढ़ाई में कौन पढ़ रहा है कौन नहीं इसका पता नही चलता था। क्लास के बच्चे शिक्षक की नजर में रहते हैं।
- किस बच्चे ने कार्य पूरा क्या या नहीं, जांच नहीं हो पा रही थी। अब कॉपियां जांची जाती हैं।