कोरोना महामारी के बाद स्कूल खुले हैं। छात्र-छात्राओं में नए सत्र को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। महामारी के दौरान घर पर बैठे रहे विद्यार्थी ऑनलाइन पढ़ाई से निराश महसूस कर रहे थे। अब स्कूल में साथियों के साथ शिक्षा प्राप्त कर प्रसन्न दिख रहे हैं। विद्यालय संचालक भी बेहतर माहौल तैयार करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
कोरोना महामारी के कारण मार्च 2020 से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित चल रही थी। शिक्षा सत्र 2020-21 पूरी तरह से प्रभावित हुआ जबकि शिक्षा सत्र 2021-22 में भी छह महीने से कक्षा संचालन नहीं हो सका। इससे छात्र-छात्राओं के दो सत्रों की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। इस दौरान ऑनलाइन पढ़ाई पर सरकार और कॉलेजों द्वारा पूरा ध्यान दिया गया। वर्तमान शिक्षा सत्र में छात्र-छात्राओं को प्रमोट करने का कार्य किया जा रहा है। छात्र-छात्राएं भौतिक रूप से कक्षा में शिक्षकों के सामाने शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इससे उनका उत्साह और मनोबल दोनों बढ़ रहा है।
सामाजिक दूरी का संदेश
अमन इंटर नेशनल स्कूल की संस्थापक सुमन चौहान का कहना है कि कोरोना महामारी के कारण शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। महामारी के थमने के बाद स्कूल पहुंच रहे छात्र-छात्राओं में उत्साह है। उन्हें बेहतर शिक्षा के साथ ही कोरोना से बचाव के लिए सामाजिक दूरी के पालन का संदेश दिया जा रहा है। स्कूल में जहां पूर्व में एक डेस्क पर तीन-तीन बच्चे बैठते थे वहां अब एक डेस्क पर एक-एक बच्चे को बैठाया जा रहा है।
सुमन चौहान, संस्थापक अमन इंटर नेशनल स्कूल, मैनपुरी।
असेंबली में होती है चर्चा
कोरोना महामारी के बाद स्कूल पहुंच रहे बच्चों का शैक्षिक स्तर बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूल में प्रतिदिन असेंबली के दौरान उनका उत्साहवर्धन करने के लिए निर्धारित विषय पर चर्चा होती है। समय-समय पर छात्र-छात्राओं के बीच गोष्ठी का आयोजन कराया जा रहा है। दो साल में प्रभावित हुई शिक्षा व्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाना आवश्यक है।
डॉ. किरन सौजिया, बाइस पे्रसीडेंट डॉ. किरन सौजिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल मैनपुरी
मनोबल से ही बेहतर शिक्षा संभव
किसी भी स्थिति से बाहर आने के लिए मनोबल आवश्यक है। कोरोना महामारी के बाद स्कूल आने वाले छात्र-छात्राओं का मनोबल बढ़ाने के लिए उन्हें शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ समय-समय पर छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। छात्र-छात्राओं में भी विद्यालय आने पर उत्साह देखा जा रहा है। दो साल की पढ़ाई को हासिल करने के लिए छात्र-छात्राएं लगातार मेहनत कर रहे हैं।
डॉ. कुसुम मोहन, प्रशासनिक प्रधानाचार्य, सुदिती ग्लोबल एकेडमी
बेहतर सुधार के दिए जा रहे अवसर
कोरोना महामारी से बच्चों के ऊपर शिक्षा व्यवस्था को लेकर दबाव आ गया था। दो साल तक ऑनलाइन पढ़ाई से ऊब चुके छात्र-छात्राएं भौतिक रूप से कक्षा में शिक्षा लेने के लिए चिंतित थे। अब वे स्कूल आ रहे हैं। उनकी शिक्षा व्यवस्था में बेहतर सुधार के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अतिरिक्त कक्षा संचालन के साथ ही बच्चों को तकनीकि शिक्षा के प्रति भी मजबूत किया जा रहा है।
अनिल कुमार, प्रधानाचार्य जेएस मेमोरियल स्कूल मैनपुरी
ये कहते हैं विद्यार्थी
घर पर ऑनलाइन शिक्षा तो मिल रही थी लेकिन घर पर पढ़ाई करने में मन नहीं लग रहा था। अब जब स्कूल खुले हैं तो अच्छा महसूस हो रहा है और पढ़ाई करने में भी मन लग रहा है। दो साल की शिक्षा को हासिल करने के लिए हर संभव तैयारी की जा रही है।
प्रिंस, कक्षा नौ
ऑनलाइन शिक्षा से वह हासिल नहीं किया जा सकता जो भौतिक रूप से एक शिक्षक के सामने उपस्थित होकर हासिल किया जा सकता है। स्कूलों में कक्षा संचालन शुरू होने से मन में उत्साह है और शिक्षा ग्रहण करने में मन भी लग रहा है।
संजय, कक्षा नौ