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अमर उजाला यूथ कॉन्क्लेव: युवा बोले- लोग अपनी आदतों को बदल लें तो सुधर जाए शहर का यातायात

Fri, 21 Feb 2020 12:30 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

जोश, जुनून और जज्बे के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में मुकाम बना चुके युवाओं ने ताजनगरी की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए मंथन किया। 
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अमर उजाला यूथ कॉन्क्लेव में युवा - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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बृहस्पतिवार को अमर उजाला कार्यालय में बेस के तहत आयोजित यूथ कॉन्क्लेव ए यंग आंत्रप्रेन्योर (उद्यमी) में हर क्षेत्र से जुड़े युवक-युवतियों ने अपने सुझाव दिए। मुख्य रूप से सभी का यह कहना था कि हम अपनी आदतें बदल लें तो शहर की यातायात व्यवस्था सुधर जाएगी। चिकित्सा, शिक्षा, फैशन, व्यापार से जुड़े इन युवाओं ने यातायात सुधार के लिए अपना विजन भी पेश किया।
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दो लाख लोग साइकिल चलाएं
फैशन डिजाइनर आशीष मिश्रा ने कहा कि 15 साल पहले जो एमजी रोड सबसे चौड़ी थी, आज संकरी लगती है, क्योंकि इस बीच वाहन 20 गुना बढ़ गए। संजय प्लेस में दो पार्किंग हैं, पर चालू नहीं। हम दस दोस्तों ने थोड़ी दूरी के काम के लिए साइकिल से चलना शुरू किया है। शहर के दो लाख लोगों को घर से दफ्तर, व्यावसायिक प्रतिष्ठान साइकिल से जाना चाहिए।

365 दिन चले यातायात जागरूकता
कंपनी सेक्रेट्री निमिशा तायल ने कहा कि सुल्तानगंज की पुलिया, वाटरवर्क्स पर ऑटो और निजी बसों से सड़क घिर जाती है, जाम लगता है। संजय प्लेस में शोरूम की पार्किंग नहीं हैं। जब तक भीषण जाम न लगे, पुलिसवाले हरकत में ही नहीं आते। हेलमेट, सीट बेल्ट के चालान पर सख्ती हो, सिर्फ नवंबर नहीं, पूरे 365 दिन यातायात माह की तरह काम हो। 
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ऑटो डिपो बनें, स्टॉपेज से ही चलें बसें
फैशन डिजाइनर प्रीति जादौन ने कहा कि एनएच-2 पर कट से वाहन मुड़ते हैं तो जाम लगता है, हादसे का खतरा रहता है। गुरुद्वारा गुरु का ताल से मदिया कटरा की ओर उतरते ही ट्रैफिक जाम रहता है। हाईवे के लिए अलग से ट्रैफिक कंट्रोल रूम बने। ऑटो के लिए डिपो बनें, बसें सिर्फ स्टॉपेज पर ही रुकना चाहिए। सुबह छह से शाम छह तक शहर में भारी वाहनों की नो एंट्री रहे। 

यातायात नियमों का पालन अनिवार्य 
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शैली गुप्ता ने कहा कि जो गलत साइड चलते हैं, पुलिसवाले उन्हें रोकते हैं। कट पर हर वक्त हादसे का डर बना रहता है। गुरु का ताल पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए पुलिस नहीं रहती। पुलिस को ही सख्ती करनी होगी, तभी लोग सुधरेंगे। यातायात नियमों का पालन जरूरी है।

इतनी आसानी से नहीं मिले डीएल
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. मेघना गुप्ता ने कहा कि भगवान टॉकीज, सिकंदरा, आईएसबीटी में ट्रैफिक बेतरतीब चलता है। देखकर डर लगता है। कहीं से भी ऑटो आ जाता है, कहीं से भी लोग मुड़ जाते हैं। लर्निंग डीएल घर बैठे मिल जा रहा है। यह सही नहीं है। डीएल उसे दिया जाए तो ट्रैफिक के नियम जानता और उनका पालन करता हो। 

पार्किंग में ही खड़े करें वाहन
दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. दीप्ति भार्गव ने कहा कि हाईवे पर तेज और धीमी गति के लिए अलग-अलग लेन नहीं है। सर्विस लेन भी ठीक से नहीं बनी है। इससे जाम भी लगता है और हादसों का खतरा भी रहता है। एक्सप्रेसवे की तरह हाईवे पर अलग-अलग रफ्तार के लिए अलग-अलग लेन हो। लोग वाहन पार्किंग में ही खड़े करें।

छात्र-छात्राओं को जागरूक करना होगा 
सीए छात्र जसविंदर ओबेरॉय ने कहा कि 18 साल से कम उम्र के छात्र स्कूटी और बाइक चलाते हैं। इन्हें डीएल कैसे मिल जाते हैं। अगर इनके पास डीएल नहीं है तो ये वाहन कैसे चला रहे हैं? स्कूल कॉलेजों में नाटक, सेमिनार और वाद-विवाद के माध्यम से छात्र-छात्राओं को जागरूक करना होगा। यातायात नियम पाठ्यक्रम का हिस्सा होने चाहिए। 

हाईवे पर और फ्लाईओवर बनें
एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. निशा यादव ने कहा कि हाईवे पर अवैध कट हैं। इनसे लोग मुड़ते हैं। जाम लग जाता है। पीछे से वाहन आते हैं, हादसे का खतरा बना रहता है। अवैध कट बंद कराए जाएं। हाईवे पर और फ्लाईओवर और अंडरपास बनने चाहिए, तभी जाम से छुटकारा मिल सकता है।  
 

दिल्ली, मुंबई जैसी ट्रैफिक व्यवस्था हो
बिजनेस वूमेन रिचा जैन ने कहा कि दिल्ली, मुंबई में भी बहुत ट्रैफिक है, लेकिन वहां स्थिति इतनी खराब नहीं है। यहां तो अराजकता है। कहीं भी बस खड़ी हो जाती है, कहीं भी ऑटो वाला रोक देता है। दिल्ली और मुंबई की तरह यातायात नियमों का पालन कराने पर सख्ती की जाए। तभी ट्रैफिक सुधर सकता है। 

जागरूकता अभियान चलाए जाएं
आरबीएस इंटर कॉलेज के शिक्षक अमित यादव ने कहा कि मेट्रो के लिए शहरभर में खोदाई होगी। तब समस्या और बढ़ेगी, ट्रैफिक जाम लगेगा। स्कूलों के सामने अब भी रोज जाम लग रहा है। मेट्रो के काम के लिए ट्रैफिक प्लान बनाना होगा। स्कूलों में पार्किंग अनिवार्य होनी चाहिए। सड़कों पर वाहन खड़े न हों।

सर्विस लेन की चौड़ाई कम है
स्कूल चेयरमैन पुनीत जैन ने कहा कि रामबाग से शाहदरा तक सर्विस लेन की चौड़ाई कम है। अस्पतालों में पार्किंग नहीं, वाहन सड़क पर खड़े किए जा रहे हैं। इससे ट्रैफिक जाम होता है। यातायात नियमों का पालन जरूरी है। पुलिस को भी सख्ती करनी चाहिए। जागरूकता के लिए लगातार कार्यक्रम होने चाहिए।
 

आधी सड़क पर है अतिक्रमण
कारोबारी रविंद्र कुमार जैसवाल ने कहा कि अतिक्रमण बड़ी समस्या बन गया है। आधी सड़क लोग घेर लेते हैं। बाकी पर ट्रैफिक कैसे चले। दुकान हो या शोरूम, पार्किंग के लिए जगह ही नहीं है। नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ को मिलकर ट्रैफिक सुधार पर काम करना होगा। जहां जगह देखी, वहां गाड़ी पार्क करने की आदत लोगों को छोड़नी होगी। 

‘पार्किंग नहीं, तो भवन का नक्शा नहीं’ लागू हो
कारोबारी मयंक श्रीवास्तव ने कहा कि समस्या यही है कि लोग सुधरने के लिए तैयार नहीं हैं। न ऑटो वाले, न बस वाले और न ही अन्य लोग। यातायात नियमों का पालन हो, तो समस्या खत्म हो जाए। किसी भवन का नक्शा तभी पास हो, जब वहां पार्किंग की व्यवस्था हो।

सड़क पर वाहन नहीं खड़े होने दें
पैरा मेडिकल स्कूल संचालक डॉ. अर्पित अग्रवाल ने कहा कि भगवान टॉकीज पर फ्लाईओवर के नीचे अराजकता की स्थिति है। ऑटो, बस का अड्डा बन गया है। पुलिस रहती है लेकिन लाचार नजर आती है। आईएसबीटी की जगह न्यू आगरा बस अड्डा बना हुआ है। बसें सिर्फ स्टॉपेज पर रुकें। ऑटो वालों के लिए भी
जगह तय की जाए। पुलिस जाम लगने का इंतजार न करे, कोशिश होनी चाहिए कि सड़क पर वाहन खड़े न होने दिए जाएं। 
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पार्किंग में ही खड़े करें वाहन
सीए छात्र राजा राठौर ने कहा कि लोगों के पास टाइम नहीं है। अगर बाजार में पार्किंग की जगह है, तो वहां वाहन खड़ा नहीं करेंगे। जिस दुकान से सामान लेना है, वहां खड़ा करेंगे। इससे तो जाम लगेगा ही। लोग जागरूक होंगे तो ट्रैफिक समस्या दूर होगी। यह एक-दो का काम नहीं, पूरे शहर को इस पर सोचना होगा। 

सड़कों की चौड़ाई बढ़े, फ्लाईओवर बनें
सीए छात्र इंद्रजीत सिंह ने कहा कि जिस दिन शहर में कोई परीक्षा होती है, पूरे दिन जाम रहता है। सैलानी ज्यादा आ जाएं तो जाम लग जाता है, शादी का सीजन हो तो भी यही समस्या रहती है। इंतजाम नाकाफी हैं। सड़कों की चौड़ाई बढ़े, फ्लाईओवर और अंडरपास की संख्या बढ़ाई जाए। 

 

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