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अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स: आत्मरक्षा के लिए महिलाओं को जूडो का प्रशिक्षण आवश्यक

Sun, 02 Dec 2018 06:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला कासगंज
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अपराजिता कार्यक्रम में जूडो खिलाड़ी व महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान लाने के लिए अमर उजाला अपराजिता के तहत कार्यक्रमों का आयोजन नारी सुरक्षा और सम्मान के लिए किया जा रहा है। महिलाएं कैसे आगे बढ़ें इसके लिए निरंतर विभिन्न माध्यमों से महिलाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कासगंज के श्रीमती शारदा देवी जौहरी नगरपालिका कन्या महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में महिला जूडो खिलाड़ियों ने महिला सुरक्षा के लिए जूडो को बेहद कारगर बताया और महिलाओं को इसके प्रशिक्षण के लिए प्रेरित किया।
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कार्यक्रम में नगर पालिकाध्यक्ष रजनी साहू ने जूडो खिलाड़ियों का प्रोत्साहन किया। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक बनें और आत्मरक्षा के लिए तत्पर रहें। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. शशिबाला यादव ने कहा कि महिलाएं खुद अपनी रक्षा के लिए तत्पर रहेंगी तो कोई भी उन्हें परेशान करने का साहस नहीं करेगा। 

नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी कुलकमल सिंह यादव एवं खेल प्रशिक्षक डा. प्रवीन जादौन, सरिता जादौन ने कहा कि महिलाओं में मुकाबला करने का साहस पैदा करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान नारी सुरक्षा और सम्मान के लिए जूडो खिलाड़ियों ने संकल्प पत्र भरे और संकल्प लिया। महिला जूडो खिलाड़ियों में काफी उत्साह देखने को मिला।   
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'आत्मरक्षा के लिए सजग रहना होगा'

जूडो खिलाड़ियों को किया गया सम्मानित - फोटो : अमर उजाला
कार्यक्रम में भावना शर्मा ने कहा कि महिलाओं को स्वयं अपनी सुरक्षा के लिए सजग रहना पड़ेगा। जब महिलाएं सजग रहेंगी तो कोई भी उन्हें ठेस नहीं पहुंचा सकेगा। गोपिका सोमानी ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपराजिता जागरूकता का अच्छा कार्यक्रम है। समाज में महिलाओं केा मजबूत बनना होगा। इसके लिए कुछ करने का हौंसला पैदा करना होगा। 

शिवांगी ने बताया कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं। बस साहस के साथ वे आगे बढ़ें। मुश्किलें साहस से खुद ही दूर हो जाएंगी और कुछ करने का उन्हें मौका मिलेगा। हिमांशी माहेश्वरी ने कहा कि जूडो आत्मरक्षा का अच्छा माध्यम है। इसके अभ्यास से अपने आप को स्वस्थ बनाया जा सकता है। वहीं कोई भी विपरीत परिस्थिति में किसी तरह का प्रहार करता है तो उससे बचाव किया जा सकता है।  

सुरभि पांडे ने कहा कि महिलाओं को कम आंकना गलत है। आज के दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहीं हैं। महिलाओं की सक्रियता से समाज में बदलाव भी नजर आने लगा है, लेकिन अभी और बदलाव की आवश्यकता है। आरजू गर्ग ने कहा कि महिलाएं आज प्रत्येक क्षेत्र में काफी आगे हैं, लेकिन अभी भी कुछ क्षेत्रों में आधी आबादी को मुकाम नहीं मिल पा रहा है। महिलाओं को स्वयं के अधिकारों के प्रति जागरूक होकर सशक्त बनने की जरूरत है।      

रीना यादव ने कहा कि महिलाओं को जब भी प्रतिभा दिखाने का मौका मिले तो उन्हें संकोच नहीं करना चाहिए। उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए आगे बढ़ना चाहिए, जिससे प्रतिभा में और निखार होगा। रेनू ने बताया कि नारी सशक्तिकरण का सपना तभी साकार होगा जब नारी स्वयं हर तरह से मजबूत बनेगी। सबसे पहले उसे शिक्षित बनना पड़ेगा। इसके बाद उसे सुरक्षा के तरीके सीखने होंगे। 
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