केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अधिकतर स्कूल चार अप्रैल यानि आज से खुले। स्कूलों में विद्यार्थियों के स्वागत की तैयारी की गई। प्रवेश द्वार पर शिक्षक खड़े रहे। विद्यार्थियों के पहुंचने पर तिलक किया गया। विद्यार्थी स्कूल से मानसिक रूप से जुड़ सकें, इसके लिए विभिन्न खेलकूद की गतिविधियां कराई गईं।
बता दें कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थी फिर भी गत सत्र में ऑफलाइन पढ़ाई के कुछ अभ्यस्त हो गए थे, छोटी कक्षाओं के लिए विद्यार्थियों के लिए विभिन्न योजनाएं बनाई गई हैं। स्कूलों ने शुरूआती दिनों में पढ़ाई के घंटे भी कम रखे हैं। ऑनलाइन कक्षाओं के दौरान अपेक्षाकृत कम घंटे पढ़ाई कराई जा रही थी।
मास्क लगाना अनिवार्य रखेंगे, हर कक्षा में स्वागत होगा
कर्नल्स ब्राइटलैंड स्कूल की प्रधानाचार्या रूबीना खानम ने कहा कि 'स्कूल छह अप्रैल से खुलेगा। मास्क लगाना अनिवार्य रखा जाएगा। विद्यार्थी और स्टाफ सभी मास्क लगाएंगे। पहले दिन प्रत्येक कक्षा में विद्यार्थियों का शिक्षकों की ओर से स्वागत किया जाएगा। विद्यार्थियों से उनके परिवार की कुशलक्षेम भी पूछा जाएगा। समय-समय पर काउंसलिंग भी की जाएगी।'
पढ़ाई के घंटे अभी कम रखे गए
सेंट एंड्रूज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सीएमडी डॉ. गिरधर शर्मा ने कहा कि 'एक अप्रैल को विद्यालय खुला गया था। पहले दिन करीब 60 फीसदी विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। सोमवार से संख्या बढ़ने की उम्मीद है। विद्यार्थियों की मनोदशा को देखते हुए शुरूआती दिनों में पढ़ाई के घंटे कम रखे गए हैं। बड़ी कक्षाओं के विद्यार्थियों को साढ़े चार घंटे और छोटी कक्षाओं के विद्यार्थियों को ढाई घंटे पढ़ाया जा रहा है।'
खेलकूद की गतिविधियां कराई जाएंगी
जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य पुनीत वशिष्ठ ने कहा कि 'छोटी कक्षा के विद्यार्थी स्कूल आने के लिए उत्साहित हैं। गत सत्र में कोरोना महामारी की वजह से विद्यार्थी आए नहीं थे। पहले दिन विद्यार्थियों के लिए खेलकूद की गतिविधियां कराई जाएंगी। कोशिश यह है कि विद्यार्थियों का मन स्कूल में लगने लगे, इसके बाद पठन-पाठन पर जोर दिया जाएगा। '
प्रवेश द्वार पर स्वागत व विशेष प्रार्थना सभा भी
एमएस पब्लिक स्कूल के प्रबंधक राजपाल सोलंकी ने कहा कि 'सोमवार को स्कूल खुल रहे हैं। पहले दिन स्कूल पहुंचने पर विद्यार्थियों का प्रवेश द्वार पर तिलक लगाकर स्वागत किया जाएगा। प्रवेश द्वार सजवाया गया है। विशेष प्रार्थनासभा का आयोजन किया जाएगा। विद्यार्थी विषम परिस्थितियों को बिताकर स्कूल पहुंच रहे हैं, उनका मनोबल बढ़ाया जाएगा।'