फतेहाबाद मार्ग स्थित अमर होटल की बोर्ड मीटिंग में भाइयों के बीच मारपीट के मामले में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। इस बार छोटे भाई वाइस चेयरमैन जसविंदर ने बड़े भाई मैनेजिंग डायरेक्टर रोमिंदर सिंह साहनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। इसमें पिटाई करने, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी का आरोप है। मुकदमे में पिता अमर देव साहनी भी नामजद हैं। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद कार्रवाई होगी।
पुरानी ईदगाह कॉलोनी निवासी जसविंदर सिंह साहनी ने मुकदमे में कहा कि वह सिंह होटल प्राइवेट लिमिटेड में वाइस चेयरमैन हैं। कंपनी में होटल अमर और अमर यात्री निवास संचालित होते हैं। चार अप्रैल को पिता सरदार अमर देव साहनी ने होटल बुलाया। वह (जसविंदर) 5:30 बजे पहुंचे। इस दौरान बड़े भाई रोमिंदर सिंह भी मौजूद मिले। पिता ने कहा कि होटलों के कार्य के संबंध में जो लिखित समझौता हुआ है, उसे रद्द कर रहे हैं। इस पर जसविंदर ने कहा कि समझौता सभी की सहमति से हुआ है। इसे रद्द क्यों किया जा रहा है। जब से कार्य का विभाजन हुआ है, तब से काम सुचारू रूप से चल रहा है।
आरोप है कि इस पर रोमिंदर तैश में आ गए। गाली देने लगे। सिर दीवार में मार दिया। उनके बाल टूट गए। अचानक हुए हमले से वो संभल नहीं पाए। उन्हें जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से पीटा गया। इससे कपड़े फट गए। कर्मचारियों ने आकर बचाया। भाई ने धमकी दी कि संपत्ति को भूल जा नहीं तो बच्चों और बीवी को ठिकाने लगा दूंगा। कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी। उन्हें काफी चोट आई हैं।
पुलिस ने पिटाई करने, गालीगलौज और जान से मारने की धमकी की धारा में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें पीड़ित के पिता सरदार अमर देव साहनी और भाई रोमिंदर सिंह साहनी को नामजद किया गया है।
मुकदमे में पिता को नहीं बनाया आरोपी
वाइस चेयरमैन जसविंदर सिंह साहनी का कहना है कि उन्होंने अपनी तहरीर में पिता को आरोपी नहीं बनाया है। उन्होंने फोन करके बुलाया था। वह मेरे परम पूज्यनीय हैं। वह कभी पिता की बात से अलग नहीं है। उनसे कोई शिकायत नहीं है। वह देवता हैं। एक त्रुटि की वजह से पुलिस ने मुकदमे में उनके पिता को भी नामजद किया है। इस संबंध में थाना ताजगंज में लिखित बयान दिया है। नाम निकालने के लिए कहा है।
साक्ष्य संकलन कर होगी कार्रवाई
सीओ सदर राजीव कुमार ने बताया कि दोनों भाइयों की तरफ से मुकदमा दर्ज कराया गया है। साक्ष्य संकलन किया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरे देखे जाएंगे। घटना के समय मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे। विवाद की वजह पता की जाएगी। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। जो तहरीर दी गई, उस आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। वादी के बयान दर्ज किए जाएंगे। साक्ष्य संकलन के बाद कार्रवाई होगी। अगर, बयान और साक्ष्य संकलन में पिता पर कोई आरोप नहीं मिलता तो उन पर कार्रवाई नहीं होगी।