आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के सेठ पदमचंद जैन प्रबंध संस्थान की ओर से इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी (आईबीसी) कोड : एन एक्सेलेरेटेड कॅरिअर ऑप्शन फॉर प्रोफेशनल्स विषय पर मंगलवार को कार्यशाला हुई। भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान (कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार) के सहयोग से इसका आयोजन किया गया।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने कहा कि केवल किताबों का ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक समझ और कौशल विकास भी जरूरी है। उन्होंने विश्वविद्यालय के स्टार्टअप साइबर योद्धा टेक का उदाहरण देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और प्रोफेशनल स्किल्स भविष्य में सफलता की कुंजी हैं।
मुख्य वक्ता डॉ. नीरज गुप्ता ने आईबीसी को मजबूत अर्थव्यवस्था का आधार बताया। उन्होंने कॉर्पोरेट मित्र योजना और सरकारी इंटर्नशिप जैसे अवसरों की जानकारी रखने की सलाह दी। डॉ. पीएन राव ने कहा कि आईबीसी का उद्देश्य उन्हें पुनर्जीवित करना है। साथ ही ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत कंपनी पंजीकरण की आसान प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला।
संस्थान के निदेशक प्रो. बृजेश रावत ने कहा कि इस कार्यशाला से छात्रों को बदलते कॉर्पोरेट के अवसरों को समझने में मदद मिली। संचालन डॉ. रुचिरा प्रसाद जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रो. एसके जैन ने किया। इस अवसर पर प्रो. संतोष बिहारी शर्मा, डॉ. स्वाति माथुर, डॉ. वाईके शर्मा, डॉ. सीमा सिंह, डॉ. शिखा कन्नौजिया, डॉ. नवीन गुप्ता, डॉ. उपासना आदि भी रहे।