बाह (आगरा)। इटावा और बाह रेंज के 150 किलोमीटर चंबल सेंक्चुअरी के दायरे में घड़ियाल, मगरमच्छ, कछुआ, डॉल्फिन और इंडियन स्कीमर आदि की अक्तूबर में डिजिटल मॉनीटरिंग शुरू हो जाएगी। इसके लिए मंगलवार को वन और टीएसए कर्मियों को स्मार्ट एप इंस्टाल कराकर प्रशिक्षण दिया गया है। इससे लोकेशन के साथ जलीय जीव और पक्षियों की गतिविधि, आकार, उम्र के मुताबिक वर्गीकरण और पर्यावरण, नदी में खतरे आदि को रिकार्ड किया जा सकेगा।
दोनों रेंज के टर्टल सर्वाइवल एलाएंस (टीएसए) और वनकर्मियों का सहसों में दो दिवसीय प्रशिक्षण हुआ। कर्मियों को तरुण नायर, इमरान सिद्दकी, हर्षवर्धन ने एप की मदद से स्मार्ट पेट्रोलिंग एवं रिर्पोटिंग के बारे में प्रशिक्षित किया। तरुण ने घड़ियाल, कछुआ, पक्षी, डॉल्फिन को एप से उनके आकार व उम्र के हिसाब से वर्गीकृत करने की तकनीक समझाई। हर्षवर्धन ने एप के कार्य व जरूरत की जानकारी दी।
वहीं टीएसए के निदेशक शैलेंद्र सिंह ने बाह रेंजर आरके सिंह राठौड़, इटावा रेंजर हरी किशोर शुक्ला के अलावा प्रशिक्षकों व वनकर्मियों के साथ अक्तूबर में स्मार्ट एप से पेट्रोलिंग पर अमल की कार्य योजना तैयार की है। डीएफओ दिवाकर श्रीवास्तव ने कहा कि चंबल में डिजिटल मॉनीटरिंग मील का पत्थर साबित होगी। इस दौरान भास्कर दीक्षित, श्रीपरना, पवन पारीक, शैलेश कुमार, शिशुभान और प्रदीप आदि रहे।