बरसाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले 12 वर्षीय बालक के साथ अप्राकृतिक कृत्य करने के मामले में बसपा के जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह फंस गए हैं। पीड़ित के पिता ने रविवार की सायं कोसी थाने में जयवीर व पूर्व प्रधान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
बरसाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित बालक के पिता ने पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि उसका 12 वर्षीय पुत्र राधाष्टमी के मौके पर कोसीकलां के एक गांव में अपने बड़े भाई के पास आया था। जो एक मंदिर में महंत हैं।
सात सितंबर को रात्रि में अचानक उसका पुत्र गायब हो गया। काफी खोजबीन करने के बाद भी उसका पता नहीं लगा। उसी दिन गांव के कुछ लोगों ने बताया कि बालक को बसपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह व पूर्व प्रधान अपने साथ बाइक पर ले गए हैं।
काफी खोजबीन के बाद उसका पुत्र गांव के बाहर बनी एक झोंपड़ी में बेहोश मिला। शरीर पर खरोंच के निशान थे। जिसे वह उपचार के लिए सीएचसी कोसीकलां ले गए, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
आठ सितंबर को होश आने पर बालक ने परिजनों को बताया कि आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ एक झोंपड़ी में ले गए थे। जहां उन्होंने उसके साथ यह कृत्य किया।
प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश कुमार ने बताया कि पीड़ित रात को थाने पहुंचे, जहां उनकी तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ धारा 377 एवं पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बसपा जिलाध्यक्ष, मथुरा जयवीर सिंह ने बताया कि गांव में चल रहे एक मुकदमे के मामले में दबाव बनाने के लिए उन्हें साजिशन फंसाया गया है। बालक द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। उनका घटना से कोई लेना देना नहीं है। मामले में पूर्व प्रधान को भी नामजद किया गया है।