आगरा। रोडवेज में चालकों की ड्यूटी लगाने के नाम पर कथित वसूली के मामले में दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, समय व्यवस्थापक जोगेंद्र सिंह और ईडीपी सहायक सुनील कुमार पर कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं। फोर्ट डिपो से जुड़े वीडियो, ऑडियो और स्क्रीनशॉट वायरल होने के बाद मामला क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल के संज्ञान में आया था।
क्षेत्रीय प्रबंधक ने वायरल वीडियो में भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते फोर्ट डिपो के बीसी अबरार अहमद को निलंबित कर दिया। वहीं, 19 सितंबर को बीसी रिपुसूदन को संविदा चालक अतुल कुमार से फोनपे के माध्यम से 200 रुपये अनुचित रूप से लेने के आरोप में निलंबित किया गया था। इसके बावजूद अन्य कर्मचारियों की भूमिका और उन पर कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
17 अक्तूबर को जारी आदेश में फोर्ट डिपो के केंद्र प्रभारी राम विलास को बाह डिपो से संबद्ध किया गया था, लेकिन 12 दिन तक एआरएम आगरा फोर्ट ने उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया।
वर्जन
29 अक्तूबर को अपने स्तर से आदेश जारी कर केंद्र प्रभारी को फोर्ट डिपो से कार्यमुक्त कर बाह डिपो से संबद्ध कर दिया है। प्रकरण में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - बीपी अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक