तिरुपति मंदिर के प्रसादम में मिलावट के बाद यूपी के आगरा में भी इस मामले ने तूल पकड़ लिया है। सिकंदरा स्थित कैलाश मंदिर के बाहर बिकने वाले मिल्क केक में मिलावट का आरोप मंदिर के महंत गौरव गिरि ने लगाया है। उन्होंने ऐलान किया है कि अगर प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वह धरना देने को बाध्य होंगे।
महंत गौरव गिरि ने बताया कि मिल्क केक में सूजी मिलाई जाती है। किसी श्रद्धालु का व्रत हो तो प्रसाद के तौर पर उसे खाने से उसका व्रत टूट जाता है। इसकी शिकायत पहले भी डीएम से की थी। फूड इंस्पेक्टर ने कार्रवाई के नाम पर नमूने लेने की खानापूर्ति की थी।
जल्द करेंगे बैठक
मंदिर कमेटी के लोग इस विषय को लेकर जल्द बैठक करेगी। उसके बाद कुछ नियमों में फेर बदल करा जाएगा। सीएम योगी सैपलिंग व पंजीकरण का फैसला सही है। -दिनेश चंद, खाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट ( अध्यक्ष)
भाव से मंदिर आएं
मन:कामेश्वर मंदिर में चढ़ने वाला मिल्क केक खोवा और चीनी का होता है। श्रद्धालुओं से भी अनुरोध है कि भाव से मंदिर आएं और खुद जागरूक रहें। पंजीकरण आवश्यक है। -हरिहर पुरी, मन:कामेश्वर मंदिर ( मठ प्रशासक)
पुष्टिमार्गीय मंदिरों में बाहर का प्रसाद नहीं चढ़ता
पुष्टिमार्गीय मंदिरों में तो पहले से ही बाहर का प्रसाद ठाकुरजी को चढ़ता ही नहीं है। प्रसाद में मिलावट कर भक्तों के साथ नहीं, बल्कि भगवान के साथ धोखा करना है। -जुगल किशोर श्रोत्रिय, महंत ( पुष्टिमार्गीय मथुराधीश मंदिर)
जल्द विभाग मंदिरों के बाहर प्रसाद बेचने वाले लोगों की सूची तैयार करेगी। इसके साथ ही प्रसाद के नमूने भी लिए जाएंगे। लोगों से अपील है कि वह जागरूक होकर खाद्य सामग्री खरीदें। -शशांक त्रिपाठी , सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय