आगरा। अवैध धर्मांतरण गिरोह में बड़े-बड़े लोग शामिल हैं। कनाडा, लंदन और अमेरिका से फंड मिलता है। पकड़े गए आरोपियों से शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी मिली थी। पहले युवतियों को अपने जाल में फंसाया जाता था। इसके बाद फंड का इंतजाम किया जाता था। जाल में फंसाने के लिए पैसा दिया जाता था। फिर मकान दिलाया जाता था। कोई भी वापस लौटने की हिम्मत न कर पाए इसके लिए अलग-अलग तरीके से ब्रेन वाॅश किया जाता था। निकाह के लिए लड़के खोजने की जिम्मेदारी किसी और की रहती थी। इसके बाद कानूनी रूप से मजबूत करने के लिए भी अलग-अलग लोग लगे रहते थे। संवाद
आरोपी और उनकी जिम्मेदारी
1. गोवा निवासी आयशा का असली नाम एसबी कृष्णा है। मूलत: ओडिशा की निवासी है। पिता सेवानिवृत्त सूबेदार हैं। उनकी बेटी ने धर्म परिवर्तन के बाद आयशा नाम रख लिया। अंग्रेजी बोलती है। गोवा में मकान भी है। कोलकाता, बैरकपुर निवासी अली हसन उर्फ शेखर राय की कथित पत्नी है। विदेशों से फंडिंग जुटाती है। गैंग के सदस्यों को धर्मांतरण के लिए रुपये दिया करती है।
2. अली हसन उर्फ शेखर राय कोलकाता के बैरकपुर की कोर्ट में कर्मचारी है। गैंग के सदस्यों की मदद करता है। बड़े लोगों से उनकी पहचान कराता है। आयशा से रुपये लेकर गैंग के सदस्यों को देता है।
3. रीत बनिक उर्फ इब्राहिम निवासी बैरकपुर, कोलकाता गिरोह का मुख्य सदस्य है। इंस्टाग्राम पर कनेक्टिंग रिवर्ट नाम से आईडी है। लोगों से कहता है कि सभी की पैदाइश इस्लाम में हुई है। लोगों को इस्लाम में वापस आने (धर्मांतरण) के लिए उकसाता है। कोलकाता में उसी ने आगरा की युवतियों को बुलाया था।
4. ओसामा कोलकाता का निवासी है। रीत बनिक उर्फ इब्राहिम का एजेंट है। धर्मांतरण के लिए आने वालों को कोलकाता की मुस्लिम बस्ती में रुकवाता है। उनके होटल में रुकने का इंतजाम करता है। बस्ती में घर उसी ने दिलाया था।
5. रहमान कुरैशी (वजीरपुरा, आगरा) इंटर फेल है। सुन्ना नाम से यूट्यूब चैनल चलाता है। एक लाख से अधिक फालोअर हैं, जो युवतियां धर्मांतरण कर लेती हैं, उसके वीडियो अपने चैनल पर चलाता है। वे अपने मूल धर्म में वापस लौटकर कितनी खुश हैं, इसके लिए वीडियो के माध्यम से दिखता है और उन्हें धर्म बदलने के लिए प्रेरित करता है।
6. मोहम्मद अली (जयपुर) कई लोगों के धर्मांतरण में अहम भूमिका अदा कर चुका है। वर्तमान में किसी हिंदू डॉक्टर युवती को फंसा रखा है। खुद भी कनवर्ट है। पहले कलीम सिद्दीकी के लिए काम किया करता था। उसको पूर्व में एटीएस ने धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा था। यह गैंग के लिए राजस्थान संभालता है। लोगों के संपर्क में रहता है। इसके बाद उन्हें धर्मांतरण के लिए प्रेरित करता है।
7. अब्बू तालिब (खालापार, मुजफ्फरनगर) उत्तर प्रदेश में गैंग के लिए काम कर रहा था। वो धर्मांतरण के बाद लोगों के कागजात बनाने में मदद करता था। जिससे कोई भी व्यक्ति अगर वापस जाना चाहे तो कानूनी दावपेंच में फंसाकर उसे रोका जा सके और धमकाया जा सके।
8. अबुर रहमान (देहरादून) उत्तराखंड में धर्मांतरण की मुहिम चला रहा है। वह वर्तमान में अब्बू तालिब के संपर्क में था। दोनों मिलकर देहरादून में नाम की युवती का धर्मांतरण कराने वाले थे। आगरा पुलिस ने दोनों को पकड़ा तो यह खुलासा हुआ। उनके खिलाफ देहरादून में भी मुकदमा लिखा गया है। उनके बारे में आगरा पुलिस पूरी जानकारी जुटा रही है।
9 . मुस्तफा उर्फ मनोज (दिल्ली) रीत बनिक उर्फ इब्राहिम से जुड़ा है। सगी बहनों के आगरा से दिल्ली पहुंचने पर उन्हें तीन दिन होटल में रुकवाया था। बाद में बस से बिहार भेजा था। ट्रेन से दोनों बहनें कोलकाता पहुंची थीं। इसका पूरा इंतजाम मुस्तफा ने कराया था।
10 . जुनैद कुरैशी (जयपुर) गिरोह का सक्रिय सदस्य है। जयपुर में मोहम्मद अली के लिए काम करता है। वो भी युवतियों को फंसाता है। कई सारे वादे करता है। जाल में फंसने पर गिरोह के अन्य सदस्यों से संपर्क कर देता है।