वारिस के नाम शस्त्र लाइसेंस ट्रांसफर होते ही उसका ऑल इंडिया परमिट खत्म हो जाएगा और हथियार सिर्फ जिले में मान्य रहेगा। बिना अनुमति लाइसेंसधारी हथियार जिले से बाहर नहीं ले जा सकेंगे, हालांकि खिलाड़ियों को इस नियम से छूट दी गई है।
वारिसान को शस्त्र लाइसेंस ट्रांसफर होने पर उसका ऑल इंडिया परमिट समाप्त हो जाएगा। अब हथियार सिर्फ आगरा में ही मान्य रहेगा। लाइसेंस धारक हथियार को जिले से बाहर नहीं ले जा सकेगा। जिलाधिकारी कार्यालय ने इस संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
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हालांकि, खिलाड़ियों के लिए ऑल इंडिया शस्त्र लाइसेंस परमिट मान्य रहेगा। उन्हें इस नियम में छूट दी गई है। जिले में कुल 46,688 लाइसेंसी हथियार हैं। इनमें शहर में 21,131 और ग्रामीण क्षेत्र में 25,557 लाइसेंसी असलाह हैं। नए शस्त्र लाइसेंस जारी करना फिलहाल बंद है। पुराने लाइसेंस ही वारिसान के नाम ट्रांसफर किए जा रहे हैं। प्रशासन ने शस्त्रों के प्रयोग को हतोत्साहित करने के लिए यह कदम उठाया है। जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि ऑल इंडिया परमिट शासन स्तर से जारी होता है।
जिलास्तर से इसकी अनुमति नहीं दी जाएगी। ऑल इंडिया परमिट के लिए लाइसेंसी को वाजिब कारण बताना होगा। पहले जिलास्तर पर अनुमति लेनी होती है। इसके बाद प्रदेश स्तर पर अनुमति मिलने के बाद ही संपूर्ण भारत वर्ष में शस्त्र लाइसेंस का परमिट जारी होता है। ऐसे शस्त्र जिनका पहले ऑल इंडिया परमिट था, उन्हें वारिसान के नाम पर ट्रांसफर कराने पर अब केवल जिलास्तर की अनुमति मिल रही है।
हथियार लेकर नहीं जा सकेंगे जिले से बाहर
जिले में करीब 2,500 से अधिक शस्त्र लाइसेंस ऑल इंडिया परमिट वाले हैं। ये सभी लाइसेंस 40 से 50 वर्ष पुराने हैं। ऑल इंडिया परमिट खत्म होने से लाइसेंस धारक हथियार लेकर पूरे देश में नहीं घूम सकेंगे। बिना अनुमति हथियार जिले से बाहर ले जाने पर रोक रहेगी। प्रशासन ने वारिस को सिर्फ एक लाइसेंस दिए जाने का नियम भी बनाया है। जिनके पास एक से अधिक लाइसेंस हैं, उन्हें वारिसान के नाम ट्रांसफर कराने पर सिर्फ एक लाइसेंस मिलेगा। बाकी लाइसेंस प्रशासन स्तर से निरस्त किए जा रहे हैं।