अलीगढ़ में हुए दंगे के मुख्य आरोपी भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व महामंत्री विनय वार्ष्णेय को देर रात पुलिस ने एटा जेल में शिफ्ट कर दिया है। यहां उन्हें कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। वहीं कोरोना वायरस के चलते विनय को अभी बंदियों के साथ न रखकर स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में रखा गया है। शुक्रवार को उनसे यहां कोई मिलने नहीं पहुंचा।
मंडल मुख्यालय पर 23 फरवरी को नागरिकता संसोधन कानून को लेकर ऊपरकोट पर धरना दे रहीं महिलाओं को पुलिस द्वारा जबरन उठाए जाने के बाद दंगा भड़क गया था। इसमें दोनों पक्षों की ओर से पथराव और फायरिंग की गई थी।
आरोप है कि विनय वार्ष्णेय ने भी इस दौरान फायरिंग की, जिसमें तारिक नामक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था, उसे जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है। वहीं बृहस्पतिवार को उनके परिजनों को राहत राशि का चेक दिया गया था।