‘कोई हाथ भी न मिलाएगा जो गले मिलोगे तपाक से, ये नए मिजाज का शहर है जरा फासले से मिला करो’...शायर बशीर बद्र का यह शेर भले ही किसी और संदर्भ में हो, लेकिन बुखार के मौसम में दुआ-सलाम दूर से ही ठीक है। हाथ मिलाने में संक्रमण का खतरा है।
राइनो वायरस जुकाम-खांसी और बुखार फैलाता है। बरसात के मौसम में तेजी से पनपते हैं। संक्रमित व्यक्ति जब खांसी के साथ छींकता है तो ये तेजी से आसपास फैलते हैं। कई बार मुंह को बिना रुमाल के हाथ से पोंछ लेते हैं। किसी से हाथ मिलाने पर दूसरों को संक्रमित कर अपनी चपेट में ले लेते हैं।
संचारी रोग विभाग के नोडल प्रभारी डॉ. आरके अग्निहोत्री बताते हैं कि मानसून में कई तरह के वायरस रहते हैं। सांस नलिकाओं में पहुंचने पर जुकाम-खांसी, पेट में जाने पर उल्टी-दस्त और खून में पहुंचने पर शरीर में ऐंठन-दर्द की शिकायत देता है।