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सावधान! आपकी मेहनत की कमाई पर है साइबर अपराधियों की नजर, भूलकर भी न करें ये काम

Thu, 13 Dec 2018 04:32 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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इंटरनेट के दौरे में हर कोई स्मार्टफोन की गिरफ्त में है। इसका फायदा साइबर अपराधी उठा रहे हैं। साइबर अपराधी लोगों को लालच देकर ठगी के जाल में फंसा रहे हैं। इनसे सावधान रहकर ही बचा जा सकता है। इस संबंध में साइबर क्राइम सेल लोगों को जागरूक कर रहा है।

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मोबाइल पर व्हाट्सएप ऑडियो। उसमें कौन बनेगा करोड़पति प्रोग्राम की आवाज। व्हाट्स एप जियो विनर के विजेता बताकर 25 लाख का इनाम। उसके बाद पंजीकरण और आयकर के नाम पर 50 हजार से एक लाख की धोखाधड़ी।

साइबर अपराधियों ने लोगों के साथ ठगी करने का नया तरीका निकाला है। इसमें से एक यह भी है। पहले मोबाइल पर व्हाट्स एप ऑडियो भेजा जाता है। जब लोग उसे डाउनलोड करके सुनते हैं तो 25 लाख की  इनामी राशि के बारे में बताया जाता है। 

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ऐसे बनाते हैं शिकार

दिए गए नंबर पर कॉल करने के बाद पर्सनल जानकारी लेते हैं। इसके बाद फर्जी लॉटरी का प्रमाण पत्र भेजते हैं। इस पर जियो मोबाइल कंपनी के सीईओ मुकेश अंबानी, महात्मा गांधी, अभिनेता अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान तक का फोटो होता है।

इस पर लिखे नंबर पर कॉल करने पर खाते की जानकारी लेते हैं। इसके बाद पंजीकरण के नाम पर एक से दो हजार की रकम खाते में जमा कराते हैं। बाद में आयकर डिपार्टमेंट का नोटिस भेजते हैं, जिस पर इनामी राशि का टैक्स लिखा होने के कारण लोग झांसे में आ जाते हैं। 

इसके बाद साइबर अपराधी 50 हजार से एक लाख रुपये खाते में जमा करा लेते हैं। साइबर क्राइम सेल में इस तरह के मामले आ रहे हैं, जिनमें लॉटरी निकलने का झांसा दिया जाता है।

कालिंदी विहार के व्यक्ति से जमा कराई थी रकम

आगरा के कालिंदी विहार के व्यक्ति को इसी तरह लॉटरी का झांसा दिया गया था। उससे रकम जमा करा ली गई थी। बाद में उसे पता चला कि वह ठगी का शिकार हो गया। इस मामले की जांच साइबर क्राइम सेल ने की थी।

अलग से बैंक का लिंक भेजकर खाते कर रहे खाली
साइबर अपराधी बैंक का फर्जी लिंक भेजकर भी ठगी के लिए लोगों को शिकार बना रहे हैं। इस तरह की शिकायतें भी साइबर क्राइम सेल में आ रही हैं। इसमें व्हाट्स एप पर लिंक भेजा जाता है। इसमें कहा जाता है कि आपके खाते की जानकारी अपडेट नहीं है। लिंक पर क्लिक करके फार्म भरा जा सकता है। 

अगर, कोई व्यक्ति लिंक पर क्लिक करता है तो फॉर्म खुल जाता है। उसमें खाता संख्या, एटीएम कार्ड की जानकारी भरवा ली जाती है। गोपनीय पिन और सीवीवी नंबर भी ले लिया जाता है। जब तक व्यक्ति को पता चलता है, तब तक खाते से रकम निकल चुकी होती है। इससे बचने की जरूरत है। 
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साइबर एक्सपर्ट की सलाह 

साइबर सेल के एक्सपर्ट विजय कुमार के मुताबिक, कभी मोबाइल और मेल पर भेजे गए किसी अंजान लिंक पर क्लिक न करें। लिंक के बारे में पूरी पड़ताल कर लें। कोई भी बैंक फोन पर जानकारी नहीं लेता है। बैंक से जुड़ी अपनी जानकारी किसी और को न दें। 

इसके अलावा जिओ विनर और केबीसी लॉटरी के झांसे में नहीं आएं। यह सब फर्जी होता है। आजकल व्हाट्सएप पर इस तरह के मैसेज भेजकर ठगी की जा रही है। कई जिलों में इस तरह के मामले आ रहे हैं। सावधानी ही बचाव है।
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