आवास विकास कॉलोनी स्थित होटल में प्रेसवार्ता करते हुए आयोजन कमेटी के अध्यक्ष डॉ. आरएन द्विवेदी ने बताया कि 20-25 फीसदी बच्चों में एलर्जी-अस्थमा की दिक्कत मिल रही है। इसमें सांस, पेट, त्वचा की एलर्जी है। जन्मजात और धूल-धुआं और बढ़ता प्रदूषण इसकी मुख्य वजह हैं।
सचिव डॉ. राहुल पैंगोरिया ने बताया कि सांस की एलर्जी में बार-बार छींक आना, नाक बंद होना और खाद्य सामग्री में दूध, अंडे, मूंगफली समेत अन्य खाद्य सामग्री से एलर्जी होने पर पेट में दर्द, उल्टी और सूजन हो रही है। त्वचा एलर्जी में चकत्ते और लाल दाने हो रहे हैं। आईपीए अध्यक्ष डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि धूल-धुआं, पराग कण, पालतू जानवरों के बाल-रूसी से भी बीमारी हो रही है।
डॉ. आरएन शर्मा ने बताया कि पालतू जानवर को बेडरूम से दूर रखें, प्रदूषित क्षेत्रों में जाने से पहले मास्क लगाएं और परेशानी पर जांच कराएं। पोस्टर विमोचन में एसएन के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज कुमार, डॉ. प्रदीप चावला, डॉ. अरुण जैन, डॉ. अभिषेक गुप्ता, डॉ. अतुल बंसल, डॉ. स्वाति द्विवेदी, डॉ संजय सक्सेना, डॉ. सोनिया भट्ट आदि मौजूद रहे।