मैनपुरी। लॉकडाउन के चलते अक्षय तृतीया पर इस बार शहर में बैंड-बाजा-बारात की धूम नहीं रही। कुछ जोड़ों की सादगी के साथ घर में ही सात फेरे लिए। अनुमति नहीं मिलने पर कई परिवारों ने आयोजन की तिथि आगे बढ़ा दी।
अक्षय तृतीया पर हर साल बड़ी संख्या में शादियां होती हैं। इस बार भी कई जोड़े 26 अप्रैल को विवाह के बंधन में बंधने वाले थे। इसी बीच कोरोना वायरस के चलते देश भर में लॉकडाउन कर दिया गया। सामाजिक और धार्मिक आयोजन पर पूरी तरह प्रतिबंध लग गया।
कई लोगों ने शादी के लिए मैरिज होम, हलवाई, बैंड, आतिशबाजी, सजावट करने वाले पहले से बुक कर रखे थे, ऐसे में उन्हें परेशानी उठानी पड़ी। न तो शादी हो पाई और न ही एडवांस में दिया गया पैसा वापस मिला।
केस हिस्ट्री-एक
ज्योंती रोड निवासी संजीव कुमार की पुत्री शीतल की शादी नानामऊ निवासी नारायण के साथ 26 अप्रैल को तय हुई थी। शादी के लिए अनुमति नहीं मिलने के बाद संजीव ने अपनी पुत्री की शादी सादगी के साथ सामाजिक दूरी बनाकर कर दी। दोनों ओर से आठ लोग ही शादी में शामिल हुए।
केस हिस्ट्री-दो
कुसमरा निवासी राजा अग्रिहोत्री के पुत्र मोनू की शादी पुसैना निवासी गुडिया केे साथ तय हुई थी। शादी के लिए सभी तैयारियां परिवार ने कर ली थी। लॉकडाउन के चलते राजा को मोनू की शादी करने के लिए जब अनुमति नहीं मिली तो उन्होंने शादी की 26 अप्रैल की तिथि ही आगे बढ़ा दी।
सामाजिक दूरी का पालन जरूरी
लॉकडाउन के चलते शादी करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। एक स्थान पर पांच या पांच से अधिक लोग एकत्रित नहीं हो सकते हैं। सामाजिक दूरी का पालन करना भी सभी के लिए जरूरी है।
रजनीकांत, एसडीएम सदर