बटेश्वर पहुंचे अखिलेश यादव ने शिव मंदिर श्रृंखला के घाट पर यमुना में गंदगी देख नाराजगी जताई। नदियों की पवित्रता के लिए अभियान चला रही सरकार से उन्होंने यमुना की सफाई कराने की मांग की।
लोकसभा चुनाव में महागठबंधन का नेतृत्व के सवाल पर अखिलेश यादव चुप्पी साध गए। उन्होंने कहा कि देश के सामने भाजपा सरकार को हराने की चुनौती है। नेतृत्व अहम नहीं है। विपक्ष एकजुट है। महागठबंधन होगा। भाजपा हारेगी।
उन्होंने सरकार की खामियां गिनाई। कहा कि आमदनी दोगुनी करने के नाम पर किसानों के साथ धोखा किया गया। कारोबारियों पर टैक्स का बोझ लाद दिया है। विकास ठप है। कीमतें बढ़ रही हैं। इससे पहले उन्होंने घोड़ों का मेला देखा।
ब्रह्मलाल जी मंदिर में दर्शन पूजन किए। शौरीपुर में भगवान नेमीनाथ के मंदिर के दर्शन किए। चंबल सफारी जरार भी गए। इस दौरान सांसद धर्मेंद्र यादव, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव, विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष राजेश यादव, आरपी सिंह आदि मौजूद रहे।
सैफई से बटेश्वर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घोड़ों का मेला देखा। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव के कैंप में अपने आस्ट्रेलियन घोडे़ कालू, लालू, घोड़ी गोरी, परी पर हाथ फेरा। उसके बाद मेले में ही बच्चों अर्जुन और टीना के कहने पर गुजरात के गिरि नस्ल की दो बछिया खरीदीं।
अमर उजाला ने अखिलेश के घोड़ा घोड़ी के मेले का आकर्षण बनने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उसके बाद कयासबाजी शुरू हो गई थी। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष गणेश यादव ने बताया कि अखिलेश जी के आने के बाद सभी अटकलबाजियों पर विराम लग गया है।