समाजवादी पार्टी ने पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) को मजबूती देने के लिए अल्पसंख्यक और पिछड़े समाज के नेताओं को अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी है। वरिष्ठ नेता ऊदल सिंह कुशवाहा को जिलाध्यक्ष और शब्बीर अब्बास को महानगर की कमान सौंपी गई है। इनको जिम्मेदारी मिलने पर कार्यकर्ताओं ने मिष्ठान बांटकर खुशी जताई है।
छह महीने से सपा की महानगर और जिले की कार्यकारिणी भंग चल रही थी। पद के लिए कई दिग्गज नेता पार्टी कार्यालय से सैफई तक चक्कर लगा रहे थे। लेकिन पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2027 विधानसभा चुनावों काे देखते हुए वरिष्ठों पर दांव लगाया है। ऊदल सिंह कुशवाहा 2007 में आगरा पूर्व से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। जिला महासचिव, जिला उपाध्यक्ष समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।
वहीं शब्बीर अब्बास कांग्रेस के बाद 2022 में बसपा में शामिल हुए और उत्तर विधानसभा से चुनाव लड़े। इसके बाद सपा में आकर उन्होंने सक्रियता तेज कर दी। इनकी समाज पर पकड़ को देखते हुए पार्टी ने महानगर अध्यक्ष बनाया है। इन्होंने जल्द कार्यकारिणी गठित करने की बात कही है। राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन, श्रीकृष्ण वर्मा, पवन प्रजापति, संतोष पाल, योगेश प्रधान, राजपाल यादव आदि ने खुशी जताई है।
वोटरों को बढ़वाना है प्राथमिकता
कमला नगर निवासी नवनियुक्त जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा का कहना है कि पार्टी में मुझे 30 साल से अधिक समय हो गया है। अभी एसआईआर में सपा के वोटरों को जुड़वाना प्राथमिकता में है। इसके लिए कार्यकर्ताओं के साथ वार्ड स्तर पर टीम बनाएंगे। इसके बाद पुराने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करते हुए युवाओं को जोड़ने का कार्य करेंगे।
प्रचार-प्रसार कर पार्टी को करेंगे मजबूत
ताजगंज निवासी नवनियुक्त महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास ने कहा कि उन्हें राजनीति का लंबा अनुभव है। कई दलों में रहते हुए समाज और लोगाें की भलाई के लिए कार्य किया। सपा अध्यक्ष ने मुझ पर जो भरोसा जताया है, उस पर वह खरे उतरेंगे। उन्होंने बताया कि एसआईआर में सपा के वोटरों को बढ़वाना और पार्टी की नीतियों का प्रचार-प्रसार कर लोगों को जोड़ना उनकी प्राथमिकता है।
रिजवान प्रिंस को बनाया एसआईआर प्रभारी
महानगर अध्यक्ष की दौड़ में शामिल रहे रिजवान रईसउद्दीन प्रिंस को इस बार भी मायूसी लगी है। हालांकि सपा अध्यक्ष ने उनको दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के बूथ, सेक्टर संगठन को मजबूत करने और एसआईआर में सहयोग करने के लिए प्रभारी बनाया है। उनका कहना है कि उनके पिता रईसउद्दीन ने आजीवन पार्टी की सेवा की। उनके निधन के बाद उन्होंने सपा का झंडा बुलंद रखा। पार्टी अध्यक्ष से आगे बड़ा मौका मिलने की उम्मीद है।