मैनपुरी। वायुसेना का नाम सुनते ही आकाश में उड़ते लड़ाकू विमान की तस्वीर हमारे आंखों के सामने घूमने लगती है। सबका सपना होता है कि वह इन लड़ाकू विमान में उड़ान भर सकें। मैनपुरी के युवाओं ने अपनी मेहनत और लगन से इस सपने को साकार भी किया है। मैनपुरी के बेटी और बेटियां वायुसेना में भर्ती होकर न केवल देश की रक्षा कर रहे हैं, बल्कि अपने हौसलों को भी उड़ान दे रहे हैं।
दीपक ने उड़ाया राफेल
फ्रांस से आने वाले राफेल विमान के बारे में कौन नहीं जानता। जब इन विमानों ने अंबाला के लिए फ्रांस से उड़ान भरी तो हर कोई उनके स्वागत के लिए तैयार था। मैनपुरी के लिए ये खुशी तब दोगुनी हो गई, जब उन्हें पता चला कि राफेल लेकर आने वालों में मैनपुरी का लाल स्क्वाड्रन लीडर दीपक चौहान भी शामिल है। शहर के मोहल्ला देवपुरा निवासी पूर्व सैनिक दुखहरण सिंह के सबसे छोटे पुत्र दीपक चौहान वर्ष 2007 से भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर के रूप में तैनात हुए। दीपक चौहान ने जहां मिग-21 और जगुआर उड़ाकर मैनपुरी का नाम रोशन किया। दीपक चौहान वर्ष 2012 में स्क्वाड्रन लीडर बने।
छात्राओं के लिए नजीर हैं स्क्रावड्रन लीडर प्रियंका यादव
किशनी क्षेत्र के गांव चांदा निवासी एडवोकेट रामनरेश यादव की बेटी प्रियंका यादव वर्ष 2006 से वायु सेना में अपना योगदान दे रही हैं। वर्ष 2006 में प्रियंका यादव ने वायु सेना के लिए आवेदन किया। जनवरी 2007 में उन्होंने फ्लाइंग ऑफीसर के पद पर नियुक्ति पाई। वर्तमान में वह सिलोंग में स्क्वाड्रन लीडर के रूप में जिम्मेदारी निभा रही हैं। प्रियंका यादव का कहना है कि वायु सेना में नौकरी पाना कोई कठिन कार्य नहीं है। यदि सच्चे मन और लगन से तैयारी की जाए तो जनपद के युवक और युवतियां आसानी से वायुसेना में नौकरी हासिल कर देश हित के काम आ सकते हैं।
आशिमा ने भरी आसमां की उड़ान
नगर के सदर बाजार शनिवशसीं व्यापारी रमेश गेरा की बेटी आशिमा गेरा वर्ष 2011 से वायुसेना में अपनी सेवाएं दे रही हैं। वर्ष 2011 में वायुसेना में उनकी फ्लाइंग ऑफीसर के रूप में नियुक्त हुईं। आज आशिमा जनपद के सपनों को आसमान में रोशन कर रही हैं। आशिमा वायुसेना में स्क्वाड्रन लीडर के रूप में जिम्मेदारी निभा रही हैं।
सेवानिवृत्त सैनिकों पर एक नजर
वायु सेना- 211
जल सेना- 175
थलसेना- 9000