आगरा। कोहरे और प्रदूषण की परेशानी सोमवार को बनी रही। सुबह से ही छाई धुंध ने न सिर्फ दृश्यता को प्रभावित किया बल्कि प्रदूषक तत्व निचली सतह पर ठहर जाने से हवा और ज्यादा जहरीली हो गई। हालात ऐसे रहे कि सुबह से ही लोगों को सांस लेने में परेशानी, गले में खराश और आंखों में जलन जैसी दिक्कत हुई।
कई इलाकों में दृश्यता बेहद कम रही और सुबह करीब 11 बजे तक कोहरे की चादर जमी रही। इसके बाद धूप निकलने से कुछ देर के लिए कोहरा हटा लेकिन प्रदूषण का असर कम नहीं हुआ। शाम होते ही सर्द हवा के साथ धुंध दोबारा लौट आई और प्रदूषण का स्तर जस का तस हो गया। स्मार्ट सिटी के सेंसर के अनुसार शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब स्तर पर दर्ज किया गया। कोहरे और नमी की वजह से धूल के कण ऊंचाई तक नहीं जा सके। मेट्रो निर्माण कार्य और सड़कों की खुदाई ने हालात और बिगाड़ दिए।
तापमान में भी गिरावट दर्ज
सोमवार को मौसम विभाग ने शहर का अधिकतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया, जो कि रविवार की तुलना में कम रहा। सुबह और शाम के समय स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। लोगों ने आंखों में जलन, गले में खराश, सिर भारी रहने और सांस फूलने की शिकायत की। खासतौर पर बुजुर्ग, बच्चे और अस्थमा व सांस संबंधी बीमारियों के मरीज ज्यादा प्रभावित नजर आए।
मास्क लगाकर निकलें
एसएन मेडिकल कॉलेज के रेस्पिरेटरी विभाग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि सुबह और शाम के समय घर से बाहर निकलने से बचें। वायु गुणवत्ता काफी खराब हो गई है। खासतौर से जिन लोगों को अस्थमा, सीओपीडी और टीबी है उनको विशेषकर ध्यान रखना जरूरी है। उन्होंने बताया कि ऐसे मरीज दवा, इनहेलर समय से लें। घर से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग अवश्य करें।
खतरनाक स्तर पर हवा:
स्टेशन एक्यूआई
बाग फरजाना- 420
कलाकृति- 424
धूलियागंज- 414
राजपुर चुंगी- 357
संजय टॉकीज 402
छिपीटोला 412
सदर भट्टी 380
ईदगाह चौराहा 379
श्मशान घाट 404
(आंकड़े स्मार्ट सिटी के हैं)