ताजनगरी की हवा 52 दिनों के बाद सांस लेने लायक हुई है। गोवर्धन पूजा के दिन रविवार शाम को हुई बारिश के कारण धूल कणों की मात्रा एकदम नीचे आ गई, जिस वजह से आगरा का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) लुढ़क कर 148 पर आ गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से सोमवार शाम 4 बजे जारी किए गए सूचकांक में आगरा हवा की गुणवत्ता में सुधार नजर आया। शाम 4 बजे के बाद से लगातार धूलकणों की मात्रा कम होती दिखी और न्यूनतम धूल कणों की संख्या 68 तक रह गई। इससे पहले 24 सितंबर को आगरा का एक्यूआई और धूल कणों की संख्या 48 पर पहुंची थी। उसके बाद पूरे अक्तूबर माह और नवंबर के पहले पखवाड़े में एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब और गंभीर श्रेणी में बना रहा, लेकिन बारिश के बाद धूल कणों की संख्या कम होने से हवा सांस लेने लायक हुई है।
9 नवंबर था सबसे ज्यादा प्रदूषित दिन
सितंबर में बारिश थमने के बाद से ही प्रदूषण में इजाफा शुरू हो गया था। 25 सितंबर से लेकर 15 नवंबर तक एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ना शुरू हुआ, जिसमें सबसे ज्यादा प्रदूषण 9 नवंबर को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 465 पर पहुंच गया। इससे पहले 7 नवंबर को एक्यूआई 461 दर्ज किया गया था। अक्तूबर के महीने में सबसे प्रदूषित दिन 29 अक्तूबर रहा, जब एक्यूआई 355 पर था, लेकिन नवंबर की शुरूआत से ही यह बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गया।
रात 12 बजे के बाद कम हुए धूल कण
रविवार शाम और रात में हुई बारिश के बाद धूलकणों की संख्या में गिरावट शुरू हो गई। जलभराव और खोदाई वाली जगहों पर पानी भरने से धूल मिट्टी उड़नी बंद हो गई। इसका असर वायु गुणवत्ता पर भी पड़ा। रात 12 बजे से लेकर सोमवार शाम 7 बजे तक पार्टिकुलेट मैटर 2.5 माइक्रोग्राम की मात्रा 100 से भी कम रही और वायु गुणवत्ता अच्छी बनी रही। केवल एक घंटे के लिए धूल कणों में इजाफा हुआ और यह 100 के पार पहुंचे, लेकिन पूरे दिन हवा की गुणवत्ता अच्छी बनी रही। शहर में दयालबाग, घटिया आजम खां, राजपुर चुंगी, मीरा हुसैनी, सदर बाजार, प्रतापपुरा क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता अन्य इलाकों के अपेक्षाकृत बेहतर रही। दिवाली के बाद यह पहला मौका है, जब झमाझम बारिश हुई और प्रदूषण बढ़ने की जगह कम होकर बेहतर हो गया।
प्रदूषण मीटर
प्रदूषण तत्व न्यूनतम औसत अधिकतम
सल्फर डाइक्साइड 11 109 150
नाइट्रोजन डाइक्साइड 10 20 55
ओजोन 15 39 56
पार्टिकुलेट मैटर (2.5) 68 114 208