घटना 26 अगस्त की दोपहर में किशनपुर डोंगल मार्ग पर हुई थी, जब शिव वैष्णो देवी दर्शन कर सैपऊ, धौलपुर निवासी अपने ममेरे भाई व तीन दोस्तों के साथ लाैट रहा था। पानी के तेज बहाव के साथ सभी लोग बह गए थे। दो युवकों आदित्य परमार और दीपक मित्तल ने तैरकर पेड़ों की टहनियां पकड़ लीं थीं, जिससे वे बच गए और उनको सुरक्षित निकाल लिया गया। वहीं यश गर्ग, प्रांशु मित्तल और शिव बंसल बह गए थे। अभी तक यश गर्ग और प्रांशु मित्तल का पता नहीं चल सका है।
उधर, शिव के घर में मातम पसरा हुआ है। बृहस्पतिवार को रिश्तेदार पिता, दादा, को ढांढस बंधाने का प्रयास करते रहे। पिता विनोद इकलौते बेटे की मौत की सूचना मिलते ही पूरी तरह टूट गए। उनके आंसू नहीं रुक रहे थे। हालांकि अभी मौत की जानकारी शिव की मां, दादी और बहनों को नहीं दी गई है।
झज्जर कोटली पुलिस शव ने पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे शव को परिजन के सुपुर्द कर एंबुलेंस से खेरागढ़ के लिए रवाना किया। शव को शिव के मामा (लापता प्रांशु के पिता) सुनील मित्तल लेकर आ रहे हैं।
शुक्रवार सुबह तक शव खेरागढ़ लाए जाने की उम्मीद है। वहीं रकाबगंज के कुम्हार पाड़ा के रहने वाले अर्जुन सिंह भी लापता है। इस घटना में उनकी पत्नी सुनीता, पाैत्री सेजल और बेटे दीपक की साली भावना की मृत्यु हो गई थी। वहीं बहू मोना का पैर कट गया था। बेटा दीपक, बड़ी पाैत्री एंजिल, बेटी और दामाद बच गए थे। उनके परिवार में भी रिश्तेदारों का तांता लगा हुआ है। परिजन लापता अर्जुन सिंह की तलाश में लगे हुए हैं।
मुख्यमंत्री और डीजीपी से किया संपर्क
26 अगस्त को हादसे के बाद 27 अगस्त की सुबह तक कोई भी जानकारी नहीं होने पर खेरागढ़ नगर पंचायत के अध्यक्ष सुधीर गर्ग ने जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री कार्यालय और अपने एक आईपीएस रिश्तेदार के माध्यम से डीजीपी से संपर्क किया था। इसके बाद ही सर्च ऑपरेशन में तेजी आई और घटनास्थल से करीब 70 किमी दूर तवी नदी के समीप जाल में फंसा शिव बंसल का शव मिला।
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