आगरा में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। बैंक खेते की लिमिट दो लाख रुपये थी, लेकिन ट्रांसफर 9 लाख रुपये कर दिए गए। पीड़िता ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में वाद दायर किया था।
बैंक खाते से 2 लाख रुपये निकलने की लिमिट होने के बाद भी दो बार में 9.4 लाख रुपये ट्रांसफर हो गए। बैंक की शाखा में शिकायत करने पर भी सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में वाद दायर किया। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार व सदस्य राजीव कुमार ने प्रबंधक भारतीय स्टेट बैंक शाखा हीराबाग दयालबाग को 45 दिन के अंदर आयोग के खाते में रकम जमा करने के आदेश दे दिए। साथ ही मानसिक उत्पीड़न और वाद व्यय के अलग से 30 हजार देने होंगे।
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दयालबाग के नवभारत अपार्टमेंट निवासी नीतू रंजन ने आयोग में वाद दायर किया था। आरोप लगाया था कि भारतीय स्टेट बैंक शाखा हीराबाग में बचत खाता संचालित है। 24 मार्च 2023 को तड़के 5.15 बजे उनके मोबाइल पर खाते से 5 लाख रुपये ट्रांसफर होने का मैसेज आया। दूसरा मैसेज 4.4 लाख रुपये ट्रांसफर होने का आया। जबकि उन्होंने रुपये नहीं निकाले। इस पर पति के साथ शाखा प्रबंधक से मिलने पहुंची। प्रबंधक ने शिकायती प्रार्थना पत्र देने को बोल दिया।
उन्हें खाते का स्टेटमेंट निकालकर दे दिया। उसके अनुसार दो अलग-अलग खातों में रुपये ट्रांसफर हुए थे। उनके खाते से 2 लाख रुपये निकालने की लिमिट थी तो इतनी रकम निकालने से पहले खाता धारक को सूचित क्यों नहीं किया गया। प्रबंधक ने उनसे कहा कि नेट बैंकिंग के बारे में जानकारी नहीं होती है। बाद में न तो रकम खाते में वापस मिली न संतुष्ट जवाब मिला।