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UP:  महिला बस परिचालक की कर दी पिटाई, पुलिस चौकी में किया बंद; पुलिसकर्मियों पर थप्पड़ जड़ने का आरोप

Tue, 23 Jun 2026 12:34 PM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के टेढ़ी बगिया क्षेत्र में सवारी बैठाने को लेकर दो पक्षों में विवाद के बाद एक महिला परिचालक ने पुलिस पर चौकी के अंदर बंद कर थप्पड़ों से पीटने का आरोप लगाया है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं और एसीपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
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ट्रांस यमुना पुलिस चौकी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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आगरा के थाना ट्रांस यमुना क्षेत्र स्थित टेढ़ी बगिया चौकी से करीब 100 मीटर दूर सैटलाइट बस स्टेशन के सामने मंगलवार को रोडवेज बसों में सवारी बैठाने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। महिला परिचालक ने आरोप लगाया कि दूसरे पक्ष से सांठगांठ करने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे चौकी के अंदर बंद कर थप्पड़ मारे। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है।
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खंदौली थाना क्षेत्र के सेमरा निवासी उपासना फाउंड्री नगर डिपो में परिचालक के पद पर तैनात हैं। उनका आरोप है कि दूसरे डिपो के चालक और परिचालक से सवारी भरने को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद उनके साथ मारपीट की गई। उपासना का कहना है कि वह सुबह से बस संचालन के लिए खड़ी थीं और उन्हें मेरठ के दो चक्कर लगाने होते हैं। इसी दौरान दूसरे पक्ष चालक ने डंडों से हमला कर दिया।

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पीड़िता का आरोप है कि सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उनके चालक साथी को ही सरेराह पीटते हुए चौकी ले गई। आरोप है कि बाद में दूसरे पक्ष से लेनदेन की साठगांठ कर चौकी में मौजूद सिपाही हेमंत और अन्य पुलिसकर्मियों ने महिला को बूथ के अंदर बंद कर थप्पड़ों से पीटा। घटना के दौरान मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। लोगों ने विरोध जताया तो पुलिस पर मोबाइल फोन छीनने के भी आरोप लगे। महिला लोगों के सामने रो पड़ी और शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए न्याय की गुहार लगाती रही। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

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एसीपी छत्ता ने ये कहा 
मामले में एसीपी छत्ता श्वेता वर्मा ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। मामला सवारी भरने को लेकर मारपीट हुई है। दोनों पक्षों के चालकों को शांतिभंग में दाखिल कर दिया है। पुलिस ने कोई मारपीट नहीं की है। केवल चौंकी पर पूछताछ की गई थी। किसी भी पुलिस कर्मी ने किसी का मोबाइल नहीं छीना है। थाना परिसर और चौकी परिसर में वीडियो बनाना कानून के मुताबिक गलत है।

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वायरल वीडियो से बढ़ी पुलिस की मुश्किलें
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
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