किरावली के 8 केंद्रों में 21 तक ही खरीद
तहसील किरावली में इस बार आठ खरीद केंद्र खोले गए थे। पर, इन केंद्रों पर 21 जून तक ही खरीद की गई। यहां भी जहां भुगतान के लिए कई किसान परेशान हैं, तो कुछ किसानों का गेहूं रजिस्ट्रेशन कराने के बाद भी नहीं लिया गया। बिक्री के लिए भटकने के बाद किसान कम कीमत पर मंडी में गेहूं बेचने को मजबूर रहे। किसानों ने बताया कि बाजार में प्रति क्विंटल करीब 200 रुपये का नुकसान उन्हें उठाना पड़ा।
177 किसानों ने बेचा 5845 क्विंटल गेहूं
एत्मादपुर में धरेरा गेहूं खरीद केंद्र प्रभारी श्रीनिवास ने बताया कि केंद्र पर 15 जून तक किसानों से गेहूं की खरीद हुई थी। इस दौरान 177 किसानों से 5845 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई थी, जिनमें लगभग 10 किसानों का पैसा बकाया है। इसका भी भुगतान जल्द करा दिया जाएगा।
फतेहाबाद में भी 16 किसानों को भुगतान नहीं
गेहूं क्रय केंद्र फतेहाबाद में इस साल 202 किसानों से 6678 क्विंटल गेहूं की खरीद की गई है। इनमें से 16 किसानों के खाते में बिक्री की रकम नहीं पहुंच सकी है। केंद्र प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि 16 किसानों का भुगतान बकाया है। जल्द इसका भी भुगतान उनके खाते में भेज दिया जाएगा।
सात जून को बेचा था, रकम नहीं मिली
मैंने सात जून को पीसीएफ खरीद केंद्र खेरागढ़ पर 33 क्विंटल गेहूं बेचा था। अब तक खाते में बिक्री की रकम नहीं आई है। केंद्र प्रभारी से शिकायत के बाद जल्द भुगतान का आश्वासन ही मिलता रहता है। - कप्तान सिंह चाहर, ग्राम सोनिगा
खरीद बंद हो गई, भुगतान नहीं हुआ
25 मई को खरीद केंद्र पर 73.500 क्विंटल गेहूं की बिक्री की थी। अब तो गेहूं की खरीद भी बंद हो गई है, लेकिन उनके खाते में पैसा नहीं भेजा गया है। जबकि तीसरे दिन भुगतान की बात कही गई थी। - दिनेश कुमार, सोनिगा
रजिस्ट्रेशन के बाद भी नहीं हुई खरीद
गेहूं बिक्री के लिए एक महीने पहले रजिस्ट्रेशन कराया था। कई बार क्रय केंद्र जाने के बाद भी उसका गेहूं नहीं खरीदा गया। मजबरी में मंडी में कम कीमत पर गेहूं बेचना पड़ा है। - लखपत सिंह चाहर, अकोला।
मैंने 12 जून को 34.5 क्विंटल गेहूं की सरकारी खरीद केंद्र पर तौल कराई थी। 15 दिन से ज्यादा होने के बाद भी अब तक भुगतान नहीं किया जा सका है। जबकि वह कई बार इसकी शिकायत भी केंद्र प्रभारी से कर चुकी है। - गुलाब सिंह, निवासी खिड़की आगा
बकाया भुगतान तीन दिन में हो जाएगा
सत्यापन और पोर्टल में फीडिंग में देरी के कारण कुछ किसानों के भुगतान में विलंब हुआ है। जल्द भुगतान की कोशिश की जा रही है। तीन दिन के भीतर बकाया किसानों के खाते में भी बिक्री की रकम पहुंच जाएगी। - श्रीकृष्ण, संभागीय खाद्य नियंत्रक।
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