मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून प्रवाह मजबूत होने के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पांच दिन बाद यानि जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून सक्रिय होने की संभावना है।
आगरा में फिलहाल उमस से राहत मिलती नहीं दिखाई दे रही। लोगों को कम से कम अगले तीन तक यह परेशान करेगी। हालांकि इस दौरान बादल छाए रहने से तेज धूप से तो राहत मिलेगी लेकिन इनके बरसने की संभावना न के बराबर है। हल्की बूंदाबांदी और बौछारें कुछ देर के लिए राहत दे सकती हैं। माना जा रहा है कि मानसून की झमाझम बारिश जुलाई के पहले सप्ताह में लोगों को भिगो सकती है।
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उमस करेगी परेशना
दरअसल, जून में अब सिर्फ तीन दिन ही शेष हैं। लोगों को यह तीन दिन गर्मी और उमस के बीच ही काटने होंगे। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण पश्चिम मानसून प्रवाह मजबूत होने के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पांच दिन बाद यानि जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून सक्रिय होने की संभावना है। बादल छाए रहने से सूरज की तपिश से लोगों को थोड़ी राहत है। हालांकि, उमस उनकी बेचैनी बढ़ा रही है।
मंगलवार को शाम 5:30 बजे भी मौसम में 65 प्रतिशत आर्द्रता दर्ज की गई। साथ ही अधिकतम तापमान 36.8 और न्यूनतम 26.3 डिग्री दर्ज किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. संदीप सिंह के अनुसार बुधवार को भी बादल छाए रहेंगे। हवा के साथ कहीं-कहीं हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।