आगरा। मानसून का इंतजार कर रहे लोगों को शनिवार का दिन बेहद भारी पड़ा। आगरा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां दिन का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री पहुंच गया। आगरा के साथ प्रयागराज का तापमान भी 43.2 डिग्री रहा, लेकिन आगरा का न्यूनतम तापमान प्रयागराज से अधिक रहा। इससे दिन के साथ रात में भी लोगों को राहत नहीं मिली। उमस ने लोगों को बेहाल कर दिया। ताज का दीदार करने पहुंचे चार पर्यटकों की भीषण गर्मी के कारण तबीयत बिगड़ गई। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल दो दिन गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं।
आगरा में मानसून की तय तारीख 26 जून थी लेकिन पहली बारिश की जगह लोगों को गर्मी झेलनी पड़ी। शनिवार सुबह 10 बजे के बाद ही तापमान 41 डिग्री के पार पहुंच गया जो दोपहर 2:30 बजे 43.2 डिग्री के अधिकतम स्तर पर आ गया। दिन के साथ लोग रात में भी परेशान रहे। न्यूनतम तापमान 30 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से चार डिग्री अधिक रहा। आर्द्रता 65 फीसदी होने के कारण लोग पसीने से नहाए रहे। बिजली की बार-बार कटौती और शटडाउन ने लोगों को चैन की नींद नहीं सोने दिया। गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है, जिससे ओवरलोड होने के कारण बिजली गुल होने की समस्या रात भर बनी रही।
जुलाई में भिगोएगा मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के लिए स्थितियां बेहतर हो रही हैं। 30 जून से मौसम में बदलाव के आसार हैं और 3 जुलाई तक मानसून की बारिश में आगरा भीग सकता है। अगले दो दिन तक लोगों को गर्मी का सितम झेलना पड़ सकता है।
शनिवार को प्रदेश के सबसे गर्म जिले
जिला अधिकतम न्यूनतम
आगरा 43.2 30
प्रयागराज 43.2 28.8
फर्रुखाबाद 42.6 30
कानपुर 42.6 29
बांदा 42.6 28.8
वाराणसी 42.5 30.1
गर्मी में छात्र की नाक से निकला खून
बरौली अहीर। प्राथमिक विद्यालय गढ़ी वृंदावन में कक्षा एक के छात्र अमन की गर्मी के कारण शनिवार को तबीयत बिगड़ गई और उसकी नाक से खून निकलने लगा। प्रधानाध्यापक सुधीर दीक्षित ने परिजन को सूचना दी और छात्र को घर भेज दिया। उन्होंने बताया कि गर्मी इतनी अधिक थी कि पंखे चलने के बावजूद बच्चे पसीने से तर-बतर हो रहे थे। एहतियातन विद्यालय की समय से पहले छुट्टी कर दी गई। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री बृजेश दीक्षित ने विद्यालय के समय में परिवर्तन की मांग की है। संवाद
छांव की तलाश में दिखे पर्यटक
आगरा। भीषण गर्मी के बावजूद शनिवार को 30 हजार से अधिक पर्यटकों ने ताजमहल देखा। सुबह के समय मौसम थोड़ा अनुकूल होने से पूर्वी और पश्चिमी प्रवेश द्वारों पर सैलानियों की लंबी कतारें लग गईं। हालांकि, दोपहर होते ही धूप और उमस का प्रकोप इतना बढ़ गया कि परिसर में भीड़ कम हो गई। इस दौरान पर्यटक छाते, टोपी और पानी की बोतलें थामे छांव तलाशते नजर आए। उमस भरी गर्मी के बीच व्यवस्थाएं संभालने में एएसआई और सीआईएसएफ को मशक्कत करनी पड़ी। संवाद