मंगलवार को पूरे उत्तर प्रदेश में आगरा सबसे गर्म शहर रहा। आसमान से अंगारे बरसे तो पारा 44.8 डिग्री तक पहुंच गया। अंगारों की तपिश लिए धूप से बचने के लिए लोग छांव तलाशते रहे। लू के थपेड़ों का असर आगरा के बाद झांसी और बांदा में भी रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में आंधी और बारिश से तापमान अपेक्षाकृत कम और सामान्य से नीचे ही रहा, जबकि आगरा और पड़ोसी जिलों में पारा सामान्य से तीन डिग्री ऊपर चल रहा है।
सोमवार आधी रात को तेज आंधी और बूंदाबांदी हुई तो लगा कि मंगलवार को गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। मौसम ने यू टर्न लिया और मंगलवार सुबह 10 बजे से ही दिन दहकने लगा। मंगलवार दोपहर सीजन का सबसे गर्म दिन बन गया। अधिकतम तापमान में तीन डिग्री की बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह 44.8 डिग्री रिकार्ड हुआ। शाम पांच बजे फिर से मौसम के तेवर बदले।
तेज हवाओं के साथ बादलों ने छाना शुरू किया। रात 8 बजे तक आंधी और तेज हवाओं के बीच बूंदाबांदी होती रही, जिसने भीषण गर्मी में कुछ राहत दी। हालांकि शाम को तपिश बरकरार रही, लेकिन रात में बूंदाबांदी के बाद मिट्टी की सौंधी सौंधी खुशबू के साथ मौसम का बदलाव राहत दे गया। न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान केंद्र के मुताबिक अगले दो दिनों में गर्म हवाओं के थपेड़े झेलने होंगे। तापमान में बढ़ोतरी बरकरार रह सकती है।
आंधी रही जानलेवा, एक की मौत
सोमवार की रात आगरा-ग्वालियर हाईवे स्थित कुर्रा मोड़ के पास आंधी के दौरान पेड़ गिर गया। इसके नीचे दबकर वहां से गुजर रहे बाइक सवार तीन लोग घायल हो गए। चीखपुकार सुन मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला। तब तक ज्ञानचंद (55) निवासी हनुमान नगर धनौली मलपुरा की मौत हो गई। साथी दो लोगों को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया है। तीनों एक शादी समारोह में शामिल होकर गांव लौट रहे थे।