मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के रविवार को आगरा दौरे के दौरान उनकी सुरक्षा में पुलिस की तरफ से लापरवाही बरती गई। इसके चलते नगरिया गांव जाते समय उनकी फ्लीट में अन्य वाहन घुस गए थे। उखर्रा में हंगामा करती एक महिला और एक युवती उनके नजदीक पहुंच गई थी। इसकी जानकारी मिलने पर एसएसपी दिनेश चंद्र दुबे ने सुरक्षा में लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिस अफसरों से जवाब तलब कर लिया है। डीआईजी महेश कुमार मिश्रा को रिपोर्ट भी भेज दी गई है। लापरवाह अफसरों पर गाज गिर सकती है। इस मामले में एसपी ट्रैफिक, सीओ मांट और दो इंस्पेक्टर फंसे हैं।
योगी रविवार को आठ घंटे आगरा में रहे थे। वह उर्खरा की वाल्मीकि बस्ती में लोगों से मिलने पहुंचे थे। उनके पहुंचने से पहले महिलाओं ने सड़क बनवाने की मांग को लेकर हंगामा किया था। योगी के वहां पहुंचने के बाद एक महिला और एक युवती उनके करीब पहुंच गई थी। यहां पर इंस्पेक्टर सदर चंद्र प्रकाश पांडे की ड्यूटी थी। इसके बाद सीएम नगरिया गांव पहुंचे थे। यहां के 14 लोगों की जलेसर में सड़क हादसे में मौत हुई थी। सीएम उनके आश्रितों को दो दो लाख के चेक बांटने के लिए पहुंचे थे।
इस दौरान उनकी फ्लीट के बीच ग्रामीणों की गाड़ियां भी घुस गई थीं। ये गाड़ियां काफी देर फ्लीट के साथ चलीं। यह सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है। इसके लिए एसपी ट्रैफिक डा. एसपी सिंह से जवाब तलब किया गया है। इसके बाद एक और बार लापरवाही हुई। सीएम ने कमिश्नरी में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा की। यहां से सर्किट हाउस गए।
फूल सैयद पर ट्रैफिक रोकने का तरीका सही नहीं पाया गया है। सीएम की फ्लीट गुजरने के दौरान सड़क पर अन्य वाहनों का प्रवेश भी होता रहा। यहां मथुरा के मांट के सीओ संजय सिंह और फतेहपुर सीकरी के इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह की ड्यूटी थी। उनसे भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। एसएसपी ने बताया कि एसपी ट्रैफिक के साथ ही सीओ मांट, इंस्पेक्टर सदर और फतेहपुर सीकरी से स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसकी रिपोर्ट डीआईजी को सौंप दी गई है।