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जहाज हादसा: इंजीनियर बेटे के आखिरी दीदार के इंतजार में पथराई आंखें, सदमे में मां-बाप

Fri, 25 Jan 2019 07:17 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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नेवी इंजीनियर विक्रम चौधरी (फाइल)
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रूस से क्रिमीया को अलग करने वाले रास्ते (केर्च) जलडमरू के मध्य में हुए जहाज हादसे में आगरा के रहने वाले नेवी इंजीनियर विक्रम चौधरी की जान चली गई थी। हादसे के चार दिन बाद भी शुक्रवार की शाम तक उसका शव घर नहीं आ सका है। बेटे के आखिरी दीदार के इंतजार में मां-पिता की आंखें पथरा गई हैं। बहनों की रो-रोकर हालत खराब है। 
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फतेहपुर सीकरी के गांव उंदेरा निवासी विक्रम सिंह की बुधवार को जहाज में गैस ट्रांसफॉरमेशन के दौरान लगी आग में मौत हो गई थी। अचानक हुए इस हादसे में गांव के होनहार इंजीनियर की जान जाने से सभी स्तब्ध हैं। परिवार में तो मातम पसरा है। घरवालों को बस उसके शव आने का इंतजार है। मां-बहनें और परिवार के अन्य सदस्य उसकी याद में बिलख रहे हैं। 

गांव में नहीं जले चूल्हे  

नेवी इंजीनियर विक्रम चौधरी की मौत से पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। मोहल्ले में किसी भी घर में रात चूल्हा नहीं जला। गमगीन लोगों की जुबान पर बस विक्रम की ही बातें हैं। 
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विधायक ने की पीएमओ में बात

क्षेत्रीय विधायक चौधरी उदयभान ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह व देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह से वार्ता कर सीकरी के लाल से मरीन इंजीनियर विक्रम सिंह के शव को मंगाने का आग्रह किया। 

विधायक ने कहा है कि शव मंगाकर उसके माता पिता को सौंपा जाए, ताकि पैतृक गांव में अंत्येष्टि हो सके। विधायक के अनुसार गृह मंत्री व पीएमओ के राज्य मंत्री ने सकारात्मक भरोसा दिलाया है।

विदेशमंत्री के निजी सहायक ने दिलाया भरोसा

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के निजी सहायक विजय द्विवेदी ने फोन कर मृत इंजीनियर के पिता मुख्तियार सिंह को जल्द ही मृतक का शव घर पहुंचने का भरोसा दिलाया है। वहीं सांसद ने भी शुक्रवार विदेश मंत्री से वार्ता कर सहयोग मांगा है। 

वहीं घर पर शोक जताने वालों का तांता लगा है। चेयरमेन त्रिलोक चंद डिठवारिया, सुरेंद्र शुक्ला प्रधान, मुरारी लाल सामरिया, मुरारी लाल बजरंगी, पूर्व प्रमुख रामनिवास शर्मा, राजेंद्र प्रसाद, श्याम शर्मा, डॉ भूपाल सिंह, नरेंद्र सिंह इंजीनियर आदि ने घर आकर संवेदना जताई। 
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