भले ही आप आगरा को 'स्मार्ट सिटी' के मानकों पर फिलहाल खरा न मानते हों, लेकिन ताजनगरी वाराणसी और कानपुर व अन्य 17 शहरों के साथ मिलकर 20 सबसे खराब प्रदर्शन वाले शहरों को 'स्मार्ट सिटी' प्रोजेक्टों के क्रियान्वयन का गुर सिखाएगा। आगरा को केंद्र सरकार के स्मार्ट सिटी मिशन में चुने गए 100 शहरों में से 20 बेहतरीन प्रदर्शन वाले शहरों में चुना गया है।
सूरत पहले नंबर पर
विशाखापत्तनम में स्मार्ट सिटी को लेकर हुई बैठक में तय किया गया कि आगरा, कानपुर, वाराणसी के अलावा 20 सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहरों में सूरत, अहमदाबाद, नागपुर, रांची, भोपाल, इंदौर, विशाखापत्तनम, पुणे और उदयपुर अन्य शहरों को स्मार्ट सिटी बनना सिखाएंगे। सूरत को इन 100 शहरों में सबसे ज्यादा बेहतरीन तरीके से प्रोजेक्टों का क्रियान्वयन करने के लिए पहले नंबर पर रखा गया है।
दरअसल केंद्रीय आवास व शहरी मामलों के मंत्रालय ने स्मार्ट शहर योजना के तहत चुने गए 100 शहरों में प्रोजेक्टों के क्रियान्वयन में बहुत अच्छी स्थिति नहीं होने के चलते एक नया 20-20 फॉर्मूला तैयार किया है। इसके तहत मिशन के 20 सबसे बेहतर प्रदर्शन वाले शहरों को 20 सबसे खराब प्रदर्शन वाले शहरों के साथ जोड़ा जाएगा।
इस कदम का लक्ष्य खराब प्रदर्शन वाले ऐसे शहरों की रैंकिंग में सुधार करना है, जो पर्याप्त पैसा उपलब्ध होने के बावजूद स्मार्ट सिटी से जुड़े विभिन्न प्रोजेक्टों पर अमल नहीं कर पा रहे हैं। यह फॉर्मूला विशाखापत्तनम शनिवार को खत्म हुई स्मार्ट शहरों की दो दिवसीय अपेक्स कांफ्रेंस के दौरान पेश किया गया। इस कांफ्रेंस में चुनिंदा शहरों के सीईओ हिस्सेदारी कर रहे थे।
हेल्थ व कमांड सेंटर में आगे है आगरा
आगरा से नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने विशाखापत्तनम बैठक में हिस्सा लिया। प्रदेश में आगरा स्मार्ट सिटी के कार्यों में हेल्थ सेंटर और इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के काम में आगे है।
यहां कमांड सेंटर 15 अगस्त को ही शुरू कर दिया गया था। इसे देखने के लिए प्रदेश के डीजीपी और गृह सचिव ही नहीं, जापान-कोरिया समेत कई देशों के प्रतिनिधिमंडल आ चुके हैं। शहर में 1200 करोड़ रुपये की योजनाओं पर स्मार्ट सिटी के तहत काम चल रहा है।
अगले 15 दिन में तय हो जाएंगे जोड़े
स्मार्ट सिटी मिशन के निदेशक कुणाल कुमार ने बताया कि मंत्रालय इस योजना के तहत चुने गए 100 शहरों में प्रोजेक्टों की प्रगति के आधार पर हर सप्ताह उन्हें एक रैंकिंग देता है। कुमार ने कहा कि नए फॉर्मूले के तहत कौन से शहर को किस शहर के साथ जोड़ा जाएगा, इन जोड़ों की घोषणा मंत्रालय स्तर से अगले 15 दिन में की जाएगी।
ऐसे करेगा काम
कुणाल ने बताया कि प्रोजेक्टों के क्रियान्वयन तथा सड़कों के इंफ्रास्ट्रक्चर, पानी, बिजली व अन्य समस्याओं से निपटने में बेहतर प्रदर्शन कर रहे एक पहाड़ी शहर को इन सब चीजों में खराब प्रदर्शन करने वाले किसी दूसरे पहाड़ी शहर से जोड़ा जाएगा।
ऐसा है मिशन
2015 में किया गया था स्मार्ट सिटी मिशन लांच
1.62 हजार करोड़ रुपये के टेंडर जारी हो चुके हैं
1.20 हजार करोड़ रुपये के वर्क ऑर्डर भी जारी
25 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट हो चुके हैं पूरे