डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ने 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया में नामांकन शुल्क की व्यवस्था बदल दी है। अब विद्यार्थियों को समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण के समय नामांकन शुल्क नहीं देना होगा। कॉलेज में वास्तविक प्रवेश लेने के बाद महाविद्यालय संचालक विद्यार्थियों का नामांकन शुल्क सामूहिक रूप से जमा कराएंगे, जिससे विश्वविद्यालय को प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की सही संख्या मिल सकेगी।
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया में नामांकन शुल्क (एनरोलमेंट फीस) की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। अब विद्यार्थियों को नामांकन संख्या के लिए पहले ही फीस जमा नहीं करनी होगी।
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समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण करने के बाद जब विद्यार्थी संबंधित कॉलेज में प्रवेश लेगा, तब उसका नामांकन शुल्क लिया जाएगा। इसके लिए प्रवेश के बाद महाविद्यालय संचालक सभी विद्यार्थियों का सामूहिक रूप से शुल्क जमा कराएंगे।
कुलपति प्रो. आशु रानी ने बताया कि पहले यह स्पष्ट नहीं हो पाता था कि समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण कराने वाले कितने विद्यार्थी वास्तव में कॉलेज में प्रवेश ले चुके हैं। अब विद्यार्थी के कॉलेज में प्रवेश लेने के बाद ही उसका नामांकन शुल्क लिया जाएगा। इससे विश्वविद्यालय के पास वास्तविक रूप से प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का सही आंकड़ा उपलब्ध हो सकेगा।
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1.60 लाख से अधिक पंजीकरण
विश्वविद्यालय की 2026-27 की प्रवेश प्रक्रिया में अब तक 1,60,222 पंजीकरण हो चुके हैं। इनमें 1,31,909 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण शुल्क जमा किया है और 1,41,959 आवेदन प्राप्त हुए हैं। विश्वविद्यालय से संबद्ध 556 महाविद्यालयों में 206 कार्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया संचालित हो रही है। फिलहाल पंजीकरण की अंतिम तिथि 25 अगस्त निर्धारित है।