डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की एक और लापरवाही सामने आई है। एमफिल की छात्रा को आवेदन के सात माह बाद डिग्री घर भेजी गई। लिफाफे पर छात्रा का नाम लिखा है, उसे खोला तो किसी दूसरी छात्रा की डिग्री मिली।
आवेदक छात्रा ने विश्वविद्यालय के कन्हैयालाल माणिकलाल मुंशी हिंदी एवं भाषा विज्ञान विद्यापीठ (केएमआई) से वर्ष 2003 में एमफिल किया है। जून 2019 में छात्रा ने डिग्री के लिए आवेदन किया था। विश्वविद्यालय के चक्कर भी लगाए।
एक फरवरी को डाक से डिग्री घर पहुंची तो उसे देखकर छात्रा खुशी से झूम उठी। लिफाफा खोलकर देखा तो वो डिग्री किसी बीए की छात्रा की निकली। छात्रा का कहना है कि डिग्री लेकर विश्वविद्यालय के अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा।
संबंधित से जवाब तलब किया जाएगा
कुलपति डॉ. अरविंद कुमार दीक्षित ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। डिस्पैच के दौरान ध्यान न देने से ऐसा हुआ होगा। संबंधित से जवाब तलब किया जाएगा। लापरवाही बरतने पर ही डिस्पैच सेक्शन में बदलाव किया गया था। छात्रा को परीक्षा नियंत्रक से संपर्क करके वस्तुस्थिति से अवगत कराना चाहिए। उसकी डिग्री मिल जाएगी।