फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: आगरा में जाम के ये हैं प्रमुख कारण, जिनसे कराह रही ताजनगरी; जानें क्या कहते हैं यहां के लोग

Tue, 27 Oct 2026 11:02 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा में अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के कारण भगवान टॉकीज, रामबाग, बिजलीघर, सिकंदरा और आईएसबीटी समेत प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या बनी हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई और ट्रैफिक प्लान के बावजूद हालात नहीं सुधर रहे, जिससे पांच मिनट का सफर तय करने में भी एक घंटा तक लग रहा है।
 
विज्ञापन
आगरा की वीआईपी रोड पर जाम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जाम शहर की प्रमुख समस्या बन गया है। जिस रास्ते पर लोग निकलते हैं, वहीं उनके वाहन फंस जाते हैं। कहीं अवैध पार्किंग परेशान कर रही है तो कहीं अतिक्रमण की समस्या है। आम रास्ते ही नहीं बाजार में भी यह समस्या विकराल है। आरोप है कि विभागीय अधिकारी सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं। जाम लगने पर खानापूर्ति के लिए पुलिसकर्मी आते हैं मगर समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता है।
विज्ञापन


भगवान टाॅकीज, रामबाग, बिजलीघर, सिकंदरा, आईएसबीटी पर अवैध पार्किंग बड़ी समस्या है। एक तरफ ऑटो-ई रिक्शा खड़े होते हैं, वहीं दूसरी तरफ बसों की लाइन लगती है। ऐसे में हाईवे पर वाहन रुकते हैं। पुलिसकर्मियों की तैनाती के बाद भी इन वाहनों की पार्किंग पर रोक नहीं है। पुलिसकर्मी एक दिन कार्रवाई करते हैं, वाहनों को सीज किया जाता है। अतिक्रमण भी हटाया जाता है। अगले ही दिन पुलिस की कार्रवाई ढीली पड़ते ही फिर से वही स्थिति हो जाती है।


माईथान निवासी दीप्ति माहेश्वरी ने बताया कि त्योहारी सीजन शुरू होते ही शहर की यातायात व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। बाजारों में बेतरतीब पार्किंग के कारण 5 मिनट का सफर तय करने में लोगों का 1 घंटा बर्बाद हो रहा है। शाहगंज, लोहामंडी और कोतवाली जैसे प्रमुख बाजारों में बढ़ता अतिक्रमण और अवैध पार्किंग समस्या की प्रमुख वजह है।
विज्ञापन


जयपुर हाउस की नीनू गर्ग ने कहा कि  वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है लेकिन सड़कें सिकुड़ती जा रही हैं। सड़कों पर बढ़ता अतिक्रमण और जगह-जगह बने गड्ढे शहर में लगने वाले भीषण जाम का मुख्य कारण हैं।  

शाहगंज निवासी शिल्पी अग्रवाल ने कहा कि जाम की स्थिति इतनी विकट है कि घर से निकलने से पहले कई बार सोचना पड़ता है। उस पर स्मार्ट सिटी और मेट्रो निर्माण के अधूरे कार्यों ने शहरवासियों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। 

वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. ममता किरण का कहना है कि मरीज के लिए समय पर डॉक्टर का परामर्श मिलना बेहद जरूरी होता है। कभी-कभी घंटों लंबे ट्रैफिक जाम में फंसने के कारण डॉक्टर समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते, खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। 

सेवला जाट की रहने वाली सुधा त्यागी ने बताया कि सड़कों पर बिना सोचे-समझे गाड़ियां खड़ी करने से जाम की स्थिति पैदा होती है। इससे न केवल शोर और प्रदूषण बढ़ता है बल्कि वाहन चालकों में आपसी विवाद भी होते हैं, इससे समस्या और गंभीर हो जाती है।

कमला नगर निवासी सोनी मिश्रा ने बताया कि घर से निकलने से पहले यह पता करना पड़ता है कि किस रास्ते पर जाम नहीं होगा। सड़कों की बेतरतीब खुदाई से कई रास्ते पर रोजाना जाम में फंसना पड़ता है। इस तरफ पुलिस और संबंधित विभाग का कोई ध्यान नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें