खराब ट्रांसफार्मर बदलने हो या सीटी स्कैन जांच। बीज, कीटनाशक की सब्सिडी हो या फसल बीमा का भुगतान। पशु टीकाकरण से लेकर एकीकृत बागवानी, शादी अनुदान सहित आठ योजनाओं में प्रदेश में आगरा नंबर-1 रहा है। सीएम डैशबोर्ड पर अप्रैल माह में अतिरिक्त ऊर्जा, उद्यान, चिकित्सा और कृषि आदि विभागों ने 100% लक्ष्य हासिल किया है।
यह सब हुआ नियमित निगरानी और निरीक्षण से। मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर 50 से अधिक विभागों की 500 से अधिक योजनाओं की शासन स्तर पर मासिक समीक्षा होती है। अप्रैल की रैकिंग रिपोर्ट 10 मई को जारी की गई। इसमें सोलर लाइट, बागवानी, ऊर्जा और कृषि समेत 8 योजनाओं में आगरा का प्रदेश में डंका बजा है। प्रदेश के 75 जिलों में आगरा नंबर-1 रहा है।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना के तहत गांव रोशन हुए। खराब ट्रांसफार्मर बदले गए। बीज की सब्सिडी सीधे खातों में भेजी गई। दिव्यांगों की पेंशन से लेकर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अनुदान तक में आगरा ने बाजी मारी है। सीडीओ से लेकर बीडीओ तक की मुस्तैदी और डीएम की सख्ती से इन योजनाओं में जिले को 10 में 10 अंक मिले हैं।
इन योजनाओं में आगरा नंबर-1
- पं. दीनदयाल उपाध्याय सोलर स्ट्रीट लाइट योजना
- सीटी स्कैन की जांच और समय पर मरीजों को रिपोर्ट
- सोलर स्ट्रीट लाइट बीकेएस ग्राम उन्नति योजना
- फल-फूल, सब्जियां उगाने पर सब्सिडी देने में
- खराब ट्रांसफार्मर की शिकायतों का निस्तारण में
- कीटनाशक दवाओं पर सब्सिडी बैंक खाते में आई
- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भुगतान में
- किसानों को बीज सब्सिडी का भुगतान खाते में किया।
नियमित समीक्षा का परिणाम
मुख्य विकास अधिकारी प्रतिभा सिंह का कहना है कि सीएम डैशबोर्ड की योजनाओं की निरंतर निगरानी और समीक्षा का परिणाम है कि आगरा ने आठ योजनाओं में 75 जिलों में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस प्रगति को जारी रखा जाएगा। सभी के संयुक्त प्रयासों से सफलता मिली है।
लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि शासन की मंशा है कि योजनाओं का लाभ जन-जन को मिले। नियमित अनुश्रवण किया जा रहा है। पहले से सुधार हुआ है। और सुधार की आवश्यकता है। विभागीय स्तर पर आवेदनों को लेकर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।