राज्यकर विभाग के सचल दल और विभाग की टीम ने सूचना के आधार पर लोहा और स्टील के तीन व्यापारियों के वाहनों की जांच की। वाहन संख्या यूपी 81 एएफ 2018 से मेसर्स चामुंडा स्टील बिना ई-वे बिल के माल की खरीद-फरोख्त कर रहा था। एक अन्य फर्म के व्यावसायिक स्थल पर रेकी के दौरान वाहन संख्या यूपी 83 एटी 0028 खड़ा मिला। इस वाहन के संबंध में कोई ई-वे बिल पोर्टल पर जेनरेट नहीं किया गया था। लाखों की टैक्स चोरी पकड़े जाने के बाद विभाग शामिल अन्य फर्मों की जांच कर रहा है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि व्यापारी की ओर से देय कर का भुगतान ज्यादातर इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के माध्यम से किया जा रहा था और वैल्यू एडिशन पर देय कर के अनुपात में बेहद कम नकद टैक्स जमा कराया जा रहा था। इन तथ्यों के आधार पर अपर आयुक्त ग्रेड 1 पंकज गांधी व ग्रेड 2 अंजनी कुमार अग्रवाल के निर्देश पर मेसर्स मां चामुंडा स्टील ट्रेडर्स के ठिकानों पर संयुक्त आयुक्त एसआईबी बीडी शुक्ला के नेतृत्व वाली टीम ने जांच की। यहां पर स्टॉक के मिलान के दौरान अनियमितताएं पाई गईं।
कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और बही-खाते जब्त किए गए हैं। व्यापारी दोनों वाहनों के संबंध में कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सका, जिसके बाद टैक्स जमा करने का आश्वासन दिया है। अपर आयुक्त ग्रेड 1 ने कहा कि इस कार्रवाई के दौरान लोहा व्यापारियों पर लाखों की टैक्स चोरी पकड़ी गई है। कर चोरी में संलिप्त अन्य फर्मों की भी सूची तैयार की जा रही है। रेकी और इंटेलिजेंस के माध्यम से आगे की कार्रवाई की जाएगी।