आगरा। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की इंडियन इंजीनियरिंग सर्विसेज (आईईएस) परीक्षा में आगरा के दो मेधावियों ने सफलता हासिल की है। बरौली अहीर के गांव ब्रह्मनगर निवासी अभिषेक अरेला ने 14वीं रैंक प्राप्त की है। वहीं अभिषेक गौतम को 22वीं रैंक मिली है। वह मूलरूप से मथुरा के बलदेव स्थित नगला मोहन (लुखटिया) गांव निवासी अभिषेक गौतम का परिवार मौजूदा समय में शास्त्रीपुरम स्थित अंसल कोर्टयार्ड में रह रहा है।
अभिषेक अरेला के पिता अनिल कुमार अरेला होमगार्ड हैं और मां मिथलेश अरेला गृहिणी हैं। अभिषेक ने बताया की उनकी सफलता की यात्रा में उनके परिवार और दोस्तों का साथ रहा। उन्होंने साल 2021 में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र परीक्षा पास की थी। इसके बाद नाैकरी के साथ-साथ पढ़ाई भी जारी रखी। साल 2024 में भी आईईएस परीक्षा दी थी। इसमें चयन हुआ पर जॉइन नहीं किया। उत्तर प्रदेश युवा ब्राह्मण परिषद के संरक्षक पवन शर्मा (एडवोकेट) और अध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा (एडवोकेट) ने अभिषेक को चयन पर बधाई दी है।
वहीं अभिषेक गौतम ने दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग में बीटेक करने के बाद गेट परीक्षा पास कर बंगलूरू स्थित प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस से एमटेक किया। वर्तमान में वह सेमीकंडक्टर क्षेत्र में काम करने वाली अमेरिका की टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स कंपनी की बंगलूरू इकाई में कार्यरत हैं। उनके पिता उदयवीर गौतम उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा हैं और वर्तमान में एटा में पुलिस ऑफिस में तैनात हैं। मां विमलेश गौतम गृहिणी हैं। तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े अभिषेक की छोटी बहन दीक्षा गौतम आईआईटी दिल्ली से पीएचडी कर रही हैं। वहीं, छोटा भाई मुकुल गौतम दिल्ली विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहा है।
तीसरे प्रयास में पाई सफलता
तीसरे प्रयास में प्रतिष्ठित परीक्षा पास करने वाले अभिषेक गौतम ने बताया कि इससे पहले वह दो बार साक्षात्कार तक पहुंचे लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। कहा कि अनुशासित दिनचर्या के बलबूते ही वह नौकरी के साथ तैयारी कर परीक्षा पास कर सके। उन्होंने बिना किसी नियमित कोचिंग के सेल्फ स्टडी के जरिये तैयारी की और ऑनलाइन टेस्ट सीरीज के माध्यम से अपनी कमियों को चिह्नित कर सफलता हासिल की। ऑफिस से लौटने के बाद कुछ समय आराम कर रोजाना देर रात तक पढ़ाई करते थे। फिर सुबह 10 बजे से ऑफिस के काम में लग जाते।
परिवार ने हर कदम पर दिया साथ
अभिषेक गौतम बताते हैं कि इस उपलब्धि में उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। तैयारी के दौरान कंपनी में साथ काम कर रही पत्नी सुरभि ने काफी साथ दिया। कहा कि मुश्किल शेड्यूल को सख्ती से लागू करने के दौरान सुबह उठने से लेकर घर के सभी कामों का जिम्मा सुरभि ने खुद संभाला। वहीं, माता-पिता और भाई-बहन ने निरंतर मानसिक, भावनात्मक एवं नैतिक संबल प्रदान किया जिससे मुश्किल समय में भी आत्मविश्वास बना रहा। वहीं उनके माता-पिता ने प्रारंभिक शिक्षा से लेकर संपूर्ण शैक्षणिक एवं व्यावसायिक यात्रा के दौरान उन्हें मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और स्थिर सहयोग प्रदान किया।
अभिषेक गौतम