न पटाखे चले और न ही फैक्ट्रियों ने धुंआ उगला, लेकिन ताजमहल के शहर की हवा सामान्य से नौ गुना ज्यादा जहरीली हो गई। बुधवार को दिल्ली की तरह आगरा में भी स्मॉग की सफेद चादर ने शहर को समेट लिया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एयर क्वालिटी इंडेक्स में लगातार दो दिन से आगरा की हवा जहरीली पाई गई।
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खतरनाक ढंग से इसमें पीएम-2.5 कणों की मात्रा बढ़ी है, जो सांस रोगियों के लिए खतरे का संकेत है। जहरीली हवा के बीच ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी ने सुप्रीम कोर्ट में प्रदूषण नियंत्रण के लिए एक्शन प्लान दाखिल किया है। पेड़ काटने और प्रदूषण मामले में कोर्ट प्रदेश सरकार को फटकार लगा चुका है।
बता दें कि आगरा का एयर क्वालिटी इंडेक्स मंगलवार को 394 जा पहुंचा, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। वहीं बुधवार को यह 407 अंक के साथ बेहद गंभीर श्रेणी में आ गया। सल्फर डाई आक्साइड (एसओटू) की मात्रा 19 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंची है।
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वहीं नाइट्रोजन डाई आक्साइड 68 तक पहुंचा, जो सामान्य से दो गुना है। सांस के साथ फेफड़ों तक पहुंचने वाले खतरनाक महीन कण पीएम-2.5 का आंकड़ा 500 तक पहुंचा है, जो सामान्य 60 के स्तर से नौ गुना ज्यादा है। कार्बन मोनो आक्साइड 2 माइक्रोग्राम तक रहनी चाहिए, लेकिन बुधवार को यह 46 गुना ज्यादा 92 पर रही। इसका अधिकतम स्तर दोपहर में 135 तक पहुंचा है।
घटी मिक्सिंग हाइट और ज्यादा जला कूड़ा
धुंध
- फोटो : अमर उजाला
तापमान में कमी आने के साथ पर्यावरण में मिक्सिंग हाइट कम हुई है, जिससे शहर गैस के छोटे चैंबर में तब्दील हो गया। इस बीच कूड़ा भी ज्यादा जलाया जा रहा है। नगर निगम चुनाव में अधिकारियों और नेताओं के व्यस्त होने पर शहर का कूड़ा कुबेरपुर डंपिंग जोन तक नहीं पहुंच रहा। नगर निगम कर्मचारी कालोनियों और बस्तियों के साथ हाईवे पर कूड़ा जला रहे हैं, जो सबसे ज्यादा खतरनाक है।
ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी अध्यक्ष कमिश्नर के. राममोहन राव ने जो एक्शन प्लान तैयार किया है, उसमें सभी पुराने कदमों का जिक्र किया है, जो अप्रभावी रहे हैं। प्रदूषण स्तर बढ़ने पर दिल्ली की तरह से क्या कदम उठाए जाएंगे, इसका ब्यौरा इस एक्शन प्लान में नहीं है। भवन निर्माण सामग्री, धूल, वाहनों के प्रदूषण और कूड़ा जलाने से रोक पर प्रभावी कदमों की योजना, इसमें नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद एक्शन प्लान दाखिल
सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका 13381/1984 में आईए नंबर 57183/2017 के तहत पारित आदेश के बाद ताज ट्रिपेजियम जोन में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कंप्रेहेंसिव पालिसी सोमवार तक दाखिल करनी थी।
ताज ट्रिपेजियम जोन अथारिटी के अध्यक्ष और मंडलायुक्त के. राम मोहन राव ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए शार्ट टर्म और लांग टर्म एक्शन प्लान पेश किया है। उन्होंने प्रदेश सरकार को टीटीजेड अथारिटी की संरचना, काम और पर्यावरण सुधार के लिए उठाए गए कदमों का ब्यौरा भेजा है, जो सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया है।
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- उत्तरी बाईपास का निर्माण रुनकता से खंदौली तक, वाहनों के डायवर्जन से रुकेगा प्रदूषण
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